अमेरिका ने ईरान को भेजा 15-सूत्रीय प्लान, युद्धविराम और परमाणु कार्यक्रम खत्म करने का प्रस्ताव
Sandesh Wahak Digital Desk: अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध को रोकने और तेहरान के परमाणु कार्यक्रम को समाप्त करने के लिए अमेरिका ने एक व्यापक 15-सूत्रीय प्लान ईरान को भेजा है। यह प्रस्ताव मध्यस्थों के माध्यम से पहुंचाया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान अब समझौता करना चाहता है और यह योजना उसी दिशा में एक बड़ा कूटनीतिक कदम है।
क्या है 15-सूत्रीय प्लान
द वॉल स्ट्रीट जर्नल और न्यूयॉर्क टाइम्स ने अधिकारियों के हवाले से बताया है कि इस योजना में युद्ध रोकने, ईरान की परमाणु गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगाने और पूरे क्षेत्र को नई दिशा देने की रूपरेखा तैयार की गई है। प्रस्ताव में ईरान से निम्नलिखित मांगें की गई हैं।
परमाणु कार्यक्रम से जुड़ी मांगें
ईरान अपने तीन प्रमुख परमाणु ठिकानों (नतान्ज, इस्फहान और फ़ोर्डो) को बंद करे और उन्हें नष्ट कर दे।
यूरेनियम संवर्धन पूरी तरह बंद किया जाए।
ईरान यह वादा करे कि वह कभी परमाणु हथियार बनाने की कोशिश नहीं करेगा।
मौजूदा संवर्धित परमाणु सामग्री को तय समय में अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) को सौंपना होगा।
संयुक्त राष्ट्र के परमाणु निगरानी निकाय को ईरान के भीतर पूरी पहुंच प्रदान की जाए।
मिसाइल और सैन्य कार्यक्रम
बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम को निलंबित करना होगा।
मिसाइलों की संख्या और मारक क्षमता पर सीमा तय की जाएगी, इस पर बाद में चर्चा होगी।
ईरान की सैन्य ताकत को केवल आत्मरक्षा तक सीमित रखने का प्रस्ताव है।
क्षेत्रीय स्तर पर
ईरान प्रॉक्सी समूहों (हिजबुल्लाह, हौथी आदि) को दी जाने वाली मदद, धन और हथियार बंद करे।
होर्मुज स्ट्रेट को अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग के रूप में पूरी तरह खोला जाए।
इस योजना में एक महीने के युद्धविराम का प्रस्ताव भी शामिल है, ताकि बातचीत के लिए सुरक्षित माहौल बनाया जा सके। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच सैन्य कार्रवाई नहीं होगी। अमेरिका ने ईरान को इस समझौते के बदले में कई रियायतें देने की बात कही है।
ईरान पर लगे सभी परमाणु से जुड़े प्रतिबंध हटा दिए जाएंगे।
अमेरिका बुशहर में एक नागरिक परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम के विकास में मदद करेगा, जिससे बिजली बनाई जा सकेगी। (हालांकि इस पर निगरानी रखी जाएगी)
स्नैपबैक सिस्टम (प्रतिबंधों को स्वचालित रूप से फिर से लागू करने वाली व्यवस्था) को समाप्त कर दिया जाएगा। यह प्रस्ताव बिचौलियों के जरिए ईरान तक पहुंचाया गया है। इस कूटनीतिक कोशिश में पाकिस्तान एक अहम कड़ी बनकर उभरा है। साथ ही तुर्की और मिस्र भी अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत करवाने की कोशिश में जुटे हैं।
अब तक ईरान का क्या है रुख
हालांकि बातचीत की कोशिशें जारी हैं, लेकिन दोनों पक्षों के बीच अभी भी बड़ा अंतर है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने हाल के दिनों में इजरायल, कुवैत, बहरीन और सऊदी अरब समेत कई जगहों पर हमले जारी रखे हैं। राष्ट्रपति ट्रंप ने मंगलवार को उम्मीद जताई कि ईरान बातचीत के लिए तैयार है। उन्होंने कहा, वे समझौता करना चाहते हैं और उन्होंने कहा है कि वे कभी परमाणु हथियार नहीं बनाएंगे। बातचीत जारी है और सही नेताओं से संपर्क किया जा रहा है, जो समझौता करना चाहते हैं।
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