यूपी में डराने वाला है सड़क हादसों का बढ़ता ग्राफ, 8 महीने में 33,824 दुर्घटनाएं

Lucknow News: उत्तर प्रदेश में सड़क हादसों को लेकर परिवहन विभाग के ताजा आंकड़े चिंता बढ़ाने वाले हैं। जनवरी से अगस्त 2026 के बीच प्रदेश में कुल 33,824 सड़क हादसे दर्ज किए गए हैं। वर्ष 2025 की इसी अवधि में यह संख्या 33,758 थी, यानी इस बार 66 हादसे अधिक हुए हैं। हालांकि बढ़ोतरी की दर महज 0.2% रही, लेकिन घायलों के आंकड़े ने सरकार की चिंता तेज कर दी है।

घायलों की संख्या में 1,376 का इजाफा

आंकड़ों के मुताबिक जनवरी-अगस्त 2025 में 25,882 लोग सड़क हादसों में घायल हुए थे, जबकि 2026 में यह संख्या बढ़कर 27,258 हो गई। यानी 1,376 लोग ज्यादा घायल हुए और करीब 5.3% की वृद्धि दर्ज की गई। यह आंकड़ा साफ दर्शाता है कि हादसों की रफ्तार पर लगाम नहीं लग पा रही है।

मौतों में मामूली कमी, 17 जानें कम गईं

राहत की बात यह है कि सड़क हादसों में जान गंवाने वालों की संख्या में मामूली कमी आई है। 2025 के पहले आठ महीनों में जहां 18,241 लोगों की मौत हुई थी, वहीं 2026 में यह आंकड़ा 18,224 रहा। इस तरह इस साल 17 मौतें कम हुईं यानी करीब 0.1% की गिरावट दर्ज की गई। लेकिन घटनाओं और घायलों की संख्या बढ़ने से स्थिति गंभीर बनी हुई है।

अलीगढ़ सबसे ज्यादा प्रभावित, 272 हादसे बढ़े

परिवहन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार सबसे ज्यादा हादसे अलीगढ़ में हुए हैं। यहां 2025 में 773 दुर्घटनाएं हुई थीं, जो 2026 में बढ़कर 1,045 हो गईं। यानी 272 हादसे अधिक दर्ज हुए। घायलों की संख्या भी 954 से बढ़कर 1,592 पहुंच गई। कौशाम्बी में 26%, चंदौली में 25.9% और संतकबीरनगर में 23.8% ज्यादा मामले सामने आए हैं।

राजधानी लखनऊ में भी बढ़े हादसे

लखनऊ में भी सड़क हादसों का ग्राफ ऊपर की ओर रहा है। 2025 में जनवरी से अगस्त तक 1,130 हादसे हुए थे, जबकि इस बार अभी तक 1,264 मामले रिपोर्ट किए गए हैं। यानी 134 दुर्घटनाएं अधिक हुईं। राजधानी में मौत का आंकड़ा भी बढ़ा है। पिछले साल 432 लोगों की जान गई थी, जो इस साल बढ़कर 478 हो गई। घायलों की संख्या 801 से बढ़कर 1,011 पहुंच गई है।

बागपत, मेरठ और मथुरा में भी बढ़ोतरी

परिवहन विभाग के डाटा के मुताबिक बागपत में सड़क हादसों में करीब 22% की बढ़ोतरी दर्ज हुई। यहां घायलों की संख्या 203 से बढ़कर 302 हो गई। मेरठ में यह संख्या 655 से बढ़कर 737 और मथुरा में 803 से बढ़कर 844 पहुंच गई। इन जिलों में लगातार बढ़ते आंकड़े प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बने हुए हैं।

हालांकि कुछ जिलों ने राहत भी दी है। आगरा में 2025 के 982 हादसों के मुकाबले इस साल 834 दुर्घटनाएं दर्ज हुईं, जबकि कानपुर नगर में हादसों की संख्या 997 से घटकर 897 रह गई। यह दर्शाता है कि सख्ती और जागरूकता से हादसों पर अंकुश लगाया जा सकता है।

Also Read: DPL फिक्सिंग के आरोपों पर DDCA की सफाई, कहा- रिपोर्ट में लगाए गए आरोप बेबुनियाद

Get real time updates directly on you device, subscribe now.