शेख हसीना को भ्रष्टाचार के 3 मामलों में 21 साल की सज़ा, आवामी लीग ने बताया सियासी साजिश

Sandesh Wahak Digital Desk: बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना को एक के बाद एक दो बड़े कानूनी झटके लगे हैं। बांग्लादेश की एक अदालत ने उन्हें भ्रष्टाचार के तीन अलग-अलग मामलों में 21 साल की सज़ा सुनाई है। हालांकि, शेख हसीना इस समय भारत में हैं, इसलिए जब तक वह वापस बांग्लादेश नहीं जाती हैं, तब तक उन्हें कोई सज़ा नहीं दी जा सकती। इससे पहले भी शेख हसीना को मौत की सज़ा सुनाई जा चुकी है।

शेख हसीना को पिछले साल जुलाई में उनकी सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों के दौरान किए गए मानवता के विरुद्ध अपराधों के मामले में 17 नवंबर को एक स्पेशल ट्रिब्यूनल ने मौत की सज़ा दी थी। महीनों तक चले इस केस के बाद, स्पेशल ट्रिब्यूनल ने 78 वर्षीय अवामी लीग लीडर शेख हसीना को हिंसक दमन का मास्टरमाइंड बताया, जिसमें सैकड़ों प्रदर्शनकारियों की जान गई थी।

आवामी लीग ने बताया सियासी साजिश

शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग ने इन फैसलों को मोहम्मद यूनुस की लीडरशिप वाली अंतरिम सरकार की सियासी साज़िश बताया है। पार्टी का आरोप है कि यह सब शेख हसीना और उनकी पार्टी को अगले साल फरवरी में होने वाले चुनावों से बाहर रखने के लिए किया जा रहा है। आवामी लीग ने शेख हसीना को मौत की सज़ा सुनाने वाले स्पेशल ट्रिब्यूनल को अवैध करार देते हुए उसके फैसले को खारिज कर दिया है। इसके बाद उन्होंने मोहम्मद यूनुस के इस्तीफे की भी मांग की है।

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