Lucknow News: महिला की मदद का झांसा देकर दरोगा ने किया यौन शोषण, डीसीपी को गुहार लगाने के बाद FIR दर्ज
Lucknow News: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां आशियाना थाने में तैनात दरोगा धर्मवीर शाही पर एक पीड़िता के साथ लगातार यौन शोषण, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने के गंभीर आरोप लगे हैं। आरोप है कि दरोगा ने महिला के मामले की विवेचना में मदद और शादी का झांसा देकर उसका शारीरिक शोषण किया और विरोध करने पर उसे प्रताड़ित किया। पीड़िता ने डीसीपी सेंट्रल को गुहार लगाई, जिसके बाद आरोपी दरोगा और उसके दो साथियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। आरोपी को तत्काल निलंबित कर हिरासत में ले लिया गया है।
बनारस यात्रा में खुला शादीशुदा होने का राज
लखनऊ के पारा इलाके की रहने वाली पीड़िता ने बस्ती के छावनी थाने में अभिषेक सिंह नामक युवक के खिलाफ धोखाधड़ी और यौन शोषण का केस दर्ज कराया था। यह मामला जीरो एफआईआर के रूप में आशियाना थाने को ट्रांसफर हुआ, जहां इसकी जांच दरोगा धर्मवीर शाही को सौंपी गई। आरोप है कि 21 फरवरी को बयान दर्ज कराने पहुंची पीड़िता से दरोगा ने मदद के बदले शारीरिक संबंध बनाने का दबाव बनाया और मजबूरी का फायदा उठाते हुए थाने और किला चौराहे के पास कमरे में बुलाकर लगातार उसका शोषण किया।
करीब डेढ़ महीने पहले पीड़िता दरोगा के साथ बनारस गई, जहां उसे पता चला कि धर्मवीर शाही पहले से शादीशुदा है। यह सच्चाई सामने आने के बाद पीड़िता ने उससे दूरी बना ली, जिससे नाराज दरोगा उसे प्रताड़ित करने लगा। पीड़िता ने आरोप लगाया कि जब उसने संबंध समाप्त करने की कोशिश की तो दरोगा ने उसे धमकाना शुरू कर दिया।
कार से कुचलने की कोशिश और घर में घुसकर मारपीट
युवती ने डीसीपी सेंट्रल को सौंपी अपनी शिकायत में बताया कि 30 जुलाई को जब वह अपनी बीमार मां की दवाई लेने जा रही थी, तब दरोगा ने अपने साथियों के साथ मिलकर उसे जबरन कार में खींचने की कोशिश की, मारपीट की और गाड़ी से कुचलने की धमकी दी। घटना के बाद पीड़िता डीसीपी के पास गुहार लगाने पहुंची।
डीसीपी विक्रांत वीर सिंह को इस संवेदनशील मामले की भनक लगते ही आरोपी दरोगा पीड़िता के घर पहुंच गया। आरोप है कि उसने पीड़िता के साथ दोबारा मारपीट की और उसके मोबाइल से वीडियो, तस्वीरें और चैट डिलीट कर दीं, ताकि सबूत मिटाए जा सकें। इस हरकत ने मामले को और गंभीर बना दिया।
डीसीपी के निर्देश पर दर्ज हुई FIR
मामला उजागर होते ही डीसीपी मध्य विक्रांत वीर सिंह ने तत्काल संज्ञान लिया और आशियाना थाने में दरोगा धर्मवीर शाही और उसके दो अज्ञात साथियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। डीसीपी ने बताया कि आरोपी दरोगा को निलंबित कर हिरासत में ले लिया गया है और उससे कड़ाई से पूछताछ की जा रही है। पूरे मामले की निष्पक्ष जांच एसीपी कैंट सुजीत दुबे को सौंपी गई है। डीसीपी ने साफ किया कि जांच में जो भी सबूत सामने आएंगे, उनके आधार पर दोषियों के खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने पुलिस विभाग की साख पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़िता के परिजनों और स्थानीय लोगों ने मांग की है कि मामले की पूरी निष्पक्ष जांच हो और दोषी को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए। लोगों का कहना है कि कानून की वर्दी पहनने वाला व्यक्ति ही जब अपराधी बन जाए तो आम नागरिक कहां जाएं। इस मामले में अब एसीपी जांच रिपोर्ट पर पूरे प्रदेश की निगाहें टिकी हैं।

