Siddharthnagar News: सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने दक्षिण कोरिया के साथ मिलकर बनाया सस्ता और शक्तिशाली ईंधन पदार्थ
Siddharthnagar News: उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, कपिलवस्तु के रसायन विज्ञान विभाग ने सौर और स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में एक ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। विभाग के अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मण सिंह और उनकी शोध टीम ने दक्षिण कोरिया के कोर उद्योग अनुसंधान संस्थान के साथ मिलकर एक ऐसा खास पदार्थ (मटेरियल) विकसित किया है, जो हाइड्रोजन फ्यूल सेल और सुपरकैपेसिटर की क्षमता को कई गुना बढ़ा देगा।
महंगे प्लेटिनम का सस्ता विकल्प
इस शोध की सबसे बड़ी खूबी यह है कि वैज्ञानिकों ने स्ट्रॉन्शियम-डोप्ड लैंथेनम निकलैट पेरोव्स्काइट नामक एक उन्नत पदार्थ तैयार किया है। डॉ. लक्ष्मण सिंह ने बताया कि अभी तक हाइड्रोजन फ्यूल सेल में बहुत महंगे प्लेटिनम का इस्तेमाल होता था, लेकिन यह नया पदार्थ उसका एक सस्ता और टिकाऊ विकल्प साबित हो सकता है। इससे न केवल स्वच्छ ऊर्जा सस्ती होगी, बल्कि भारत को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने में भी मदद मिलेगी।
पर्यावरण के अनुकूल और इंस्टेंट तकनीक
इस पदार्थ को बनाने के लिए वैज्ञानिकों ने ‘वन-पॉट इंस्टेंट फ्लेम सिंथेसिस’ नाम की एक नई तकनीक अपनाई है।
तेज और सस्ती: यह तकनीक पारंपरिक तरीकों के मुकाबले बहुत तेज और कम खर्चीली है।
असरदार: परीक्षणों में पाया गया कि यह पदार्थ ऊर्जा को लंबे समय तक स्टोर करने (सुपरकैपेसिटर) और हाइड्रोजन से बिजली बनाने में बेहद प्रभावी है।
उपयोग: यह खोज भविष्य में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) और नवीकरणीय ऊर्जा के भंडारण में क्रांतिकारी बदलाव ला सकती है।

विश्व स्तर पर मिली पहचान
वैज्ञानिकों की इस उपलब्धि को सिरेमिक विज्ञान की दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय पत्रिका ‘Journal of the American Ceramic Society’ में प्रकाशित किया गया है। इसे शीर्ष JCR जर्नल (Q1 कैटेगरी) माना जाता है, जो शोध की गुणवत्ता पर मुहर लगाता है।
विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. कविता शाह ने डॉ. लक्ष्मण सिंह और उनकी टीम को इस वैश्विक उपलब्धि पर बधाई दी। उन्होंने कहा, यह शोध सिद्धार्थ विश्वविद्यालय की नवाचार (Innovation) के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। हमारे शिक्षक और शोधकर्ता समाज की जटिल चुनौतियों का समाधान खोजने के लिए समर्पित हैं। विज्ञान संकाय की डीन प्रोफेसर प्रकृति राय ने भी टीम की इस कामयाबी की सराहना की है।
रिपोर्ट- जाकिर खान

