UP पुलिस पर भरोसा नहीं, गैर भाजपा शासित राज्य की पुलिस करे मामले की जांच: Avimukteshwarananda
Sandesh Wahak Digital Desk: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद (Avimukteshwarananda) की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। POCSO कोर्ट के निर्देश पर रविवार को उनके और उनके शिष्य मुकुदानंद ब्रह्मचारी के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। यौन शोषण के गंभीर आरोपों में दर्ज इस FIR के बाद पुलिस कार्रवाई की आहट तेज हो गई है और संभावना जताई जा रही है कि आज उन्हें पुलिस हिरासत में लिया जा सकता है।
“हम निर्दोष हैं, कहानी झूठी साबित होगी”
वहीं FIR दर्ज होने के बाद अविमुक्तेश्वरानंद (Avimukteshwarananda) ने प्रतिक्रिया देते हुए खुद को निर्दोष बताया है। उन्होंने कहा कि उनका अंतकरण उनके साथ है और जो कहानी गढ़ी गई है वह झूठी सिद्ध होगी। उनका कहना है कि वे कैमरों की जद में थे और पुलिस ने उनके साथ ज्यादती की। उन्होंने यह भी कहा कि उनके खिलाफ जो आरोप लगाए गए हैं, वे बनावटी हैं और सच्चाई सामने आएगी।
यहां अविमुक्तेश्वरानंद (Avimukteshwarananda) ने अपने खिलाफ दर्ज मामलों की जांच पर सवाल उठाते हुए कहा कि भाजपा शासित पुलिस पर उन्हें भरोसा नहीं है। उनकी मांग है कि इस मामले की जांच किसी गैर भाजपा शासित राज्य की पुलिस से कराई जाए। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जांच के लिए कोई भी पुलिस आए, वे पूरा सहयोग करेंगे। उन्होंने मीडिया से कहा कि अभी गिरफ्तारी की स्थिति नहीं है, लेकिन अगर गिरफ्तारी होती है तो यह कालनेमी की तरह शंकराचार्य को अपमानित करने का प्रयास होगा।
नाबालिगों के शोषण के आरोप और उनका पक्ष
दरअसल बताया गया है कि अविमुक्तेश्वरानंद (Avimukteshwarananda) पर पिछले साल अपने कैंप में दो नाबालिग लड़कों के कथित शोषण का आरोप है। इन लड़कों के साथ प्रयागराज में 2025 के महाकुंभ के दौरान भी शोषण का आरोप लगाया गया है। हालांकि अविमुक्तेश्वरानंद ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि वे लड़के कभी उनके गुरुकुल में नहीं आए, न कभी पढ़े और न ही उनका उनसे कोई लेना देना है। उन्होंने CD को लेकर भी सवाल उठाते हुए कहा कि CD किस चीज की है और उसे सार्वजनिक क्यों नहीं किया जा रहा है। उनके अनुसार CD का नाम लेकर भ्रम फैलाया जा रहा है और आने वाले दिनों में इन सवालों का जवाब पूछा जाएगा।
गिरफ्तारी की स्थिति में भी विरोध नहीं
अविमुक्तेश्वरानंद (Avimukteshwarananda) ने कहा कि अगर पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने के लिए कार्रवाई करती है तो वे उसका विरोध नहीं करेंगे। उनका कहना है कि वे पूरा सहयोग करेंगे और जनता सब देख रही है। उन्होंने कहा कि कहानी झूठी साबित होगी, चाहे आज हो या कल। उन्होंने यह भी कहा कि प्रयागराज में हर जगह CCTV कैमरे लगे हैं और वे कैमरों की पहुंच में थे।
यहां अविमुक्तेश्वरानंद (Avimukteshwarananda) ने आरोप लगाया है कि गऊ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध की उनकी मांग को दबाने के लिए यह कुत्सित प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सनातन को नष्ट करने के लिए कुछ लोग चोला पहनकर आ गए हैं और हिंदू चोला पहनकर हिंदू धर्म तथा सनातन को नुकसान पहुंचा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि शंकराचार्य किसी के वश में आने वाले नहीं हैं।
बनारस पहुंची पुलिस, पूछताछ की तैयारी
दरअसल Avimukteshwarananda पर FIR दर्ज होने के एक दिन बाद प्रयागराज के झूंसी थाने से पुलिस की टीम बनारस पहुंच गई है। जानकारी के अनुसार यह टीम अविमुक्तेश्वरानंद से पूछताछ कर सकती है। पॉक्सो जज विनोद कुमार चौरसिया ने शनिवार को झूंसी पुलिस स्टेशन को अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने का आदेश दिया था। यह आदेश कृष्ण जन्मभूमि शाही ईदगाह टाइटल विवाद में वादी शंकुरी पीठाधीश्वर आशुतोष महाराज की याचिका पर आया।
आपको बताते चलें कि अविमुक्तेश्वरानंद (Avimukteshwarananda) और मुकुंदानंद ब्रह्मचारी के अलावा शिकायत में तीन अज्ञात लोगों का भी नाम शामिल है। झूंसी के स्टेशन ऑफिसर महेश मिश्रा के अनुसार FIR भारतीय न्याय संहिता की धारा 351(3) और पॉक्सो एक्ट की धारा 5, 6, 3, 4(2), 16 और 17 के तहत दर्ज की गई है। मामले में आगे की कार्रवाई और संभावित गिरफ्तारी को लेकर स्थिति लगातार बदल रही है।

