कमर्शियल जहाजों पर हमला और बाधा डालना पूरी तरह अस्वीकार्य: PM मोदी

Sandesh Wahak Digital Desk: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को लेकर लोकसभा में अहम संबोधन दिया। पिछले 24 दिनों से चल रहे इस युद्ध के बीच पीएम मोदी ने कहा कि वह सदन में इस संघर्ष और उसके भारत पर पड़ने वाले प्रभाव पर बात रखने के लिए आए हैं। उन्होंने कहा कि इस समय वहां के हालात चिंताजनक हैं और पूरी दुनिया इसके समाधान की दिशा में प्रयास कर रही है।

तेल और गैस आपूर्ति को लेकर सरकार सतर्क

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि गैस और तेल संकट को रोकने के लिए सरकार अलग-अलग देशों के सप्लायर्स से लगातार संपर्क में है। प्रयास किया जा रहा है कि जहां से संभव हो, वहां से आपूर्ति बनी रहे। इसके लिए सहयोगी देशों के साथ बातचीत जारी है और जरूरी सेक्टर्स को हर संभव समर्थन दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस स्थिति से निपटने के लिए एक विशेष ग्रुप बनाया गया है, जो रोजाना बैठक कर आयात-निर्यात से जुड़ी दिक्कतों पर काम कर रहा है।

पीएम मोदी ने कहा कि खाड़ी देशों में करीब 1 करोड़ भारतीय काम करते हैं और वहां चलने वाले कमर्शियल जहाजों में भी बड़ी संख्या में भारतीय क्रू मेंबर्स मौजूद हैं। ऐसे में भारत की चिंता स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि इस समय यह जरूरी है कि भारत की संसद से एकजुट और एकमत संदेश पूरी दुनिया तक पहुंचे।

कमर्शियल जहाजों पर हमले अस्वीकार्य

प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस संघर्ष को लेकर भारत का रुख हमेशा साफ रहा है और भारत ने इस पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि उन्होंने पश्चिम एशिया के प्रमुख नेताओं से बातचीत कर तनाव कम करने की अपील की है। साथ ही उन्होंने कहा कि कमर्शियल जहाजों पर हमला और बाधा डालना पूरी तरह अस्वीकार्य है और भारत सभी पक्षों को शांतिपूर्ण समाधान के लिए प्रेरित कर रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश को इस चुनौती का सामना उसी तरह करना होगा, जैसे कोरोना काल में किया गया था। उन्होंने लोगों से अपील की कि अफवाहों पर भरोसा न करें और सतर्क रहें। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस समय जमाखोरी और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए राज्य सरकारों को निर्देश भी दिए गए हैं।

होर्मुज मार्ग पर असर

प्रधानमंत्री ने बताया कि देश में कच्चा तेल, उर्वरक और अन्य जरूरी वस्तुएं बड़े पैमाने पर होर्मुज मार्ग से आती हैं, लेकिन इस युद्ध के कारण वहां जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है। इसके बावजूद सरकार की कोशिश है कि देश में तेल और गैस का कोई संकट पैदा न हो। उन्होंने कहा कि पहले जहां 27 देशों से आयात होता था, अब उसे बढ़ाकर 41 देशों तक कर दिया गया है।

प्रधानमंत्री ने बताया कि युद्ध के बाद भारत और अन्य देशों में 24 घंटे हेल्पलाइन शुरू की गई है, जिसके जरिए जरूरी जानकारी और एडवाइजरी दी जा रही है। उन्होंने कहा कि इस संकट के दौरान भारत की पहली प्राथमिकता अपने नागरिकों की सुरक्षा रही है और अब तक 3 लाख 75 हजार भारतीय सुरक्षित देश लौट चुके हैं।

भारतीयों को हर संभव मदद

पीएम मोदी ने कहा कि युद्ध शुरू होने के साथ ही प्रभावित देशों में रह रहे भारतीयों को हर संभव मदद पहुंचाई जा रही है। उन्होंने खुद कई बार वहां के नेताओं से बातचीत की है और सभी ने भारतीयों की सुरक्षा का आश्वासन दिया है। उन्होंने यह भी बताया कि इस संघर्ष में कुछ भारतीयों की मौत हुई है और कुछ घायल हुए हैं, जिनका इलाज जारी है और उनके परिवारों से लगातार संपर्क बनाए रखा गया है।

इससे पहले प्रधानमंत्री ने रविवार को पश्चिम एशिया के बदलते हालात को देखते हुए एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की थी। करीब साढ़े तीन घंटे चली इस बैठक में पेट्रोलियम, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, बिजली और उर्वरक जैसे क्षेत्रों में देश की तैयारियों की समीक्षा की गई। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि आपूर्ति, वितरण और लॉजिस्टिक्स को मजबूत रखते हुए जरूरी वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।

विपक्ष की मांगों के बीच आया बयान

बता दें कि 28 फरवरी से अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जंग शुरू हुई है, जिसके बाद से विपक्ष लगातार इस मुद्दे पर बहस की मांग कर रहा है। विपक्ष का दावा है कि देश में ऊर्जा संकट की स्थिति है, जबकि केंद्र सरकार का कहना है कि हालात नियंत्रण में हैं। ऐसे में पीएम मोदी का यह संबोधन बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

आज पेश होगा कॉर्पोरेट कानून संशोधन विधेयक

लोकसभा में आज केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण कॉर्पोरेट कानून संशोधन विधेयक 2026 भी पेश करेंगी। इसके जरिए लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप एक्ट 2008 और कंपनी एक्ट 2013 में संशोधन किए जाएंगे। वहीं, पिछले सत्र में विभिन्न मंत्रालयों की अनुदान मांगों को गिलोटिन प्रक्रिया के तहत बिना चर्चा के पारित कर दिया गया था।

 

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