Somnath Amrit Mahotsav: PM मोदी ने की विशेष पूजा, 11 तीर्थों के जल से हुआ कुंभाभिषेक
Sandesh Wahak Digital Desk: गुजरात के सोमनाथ मंदिर में आयोजित ‘सोमनाथ अमृत महोत्सव’ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शामिल हुए।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना की और भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में प्रमुख सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के भव्य शिखर पर 11 पवित्र तीर्थ स्थलों के जल से कुंभाभिषेक किया गया।
समारोह के दौरान देशभर से आए कलाकारों की प्रस्तुतियों और दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने आयोजन को भव्य रूप दिया।
कुंभाभिषेक के लिए विशेष रूप से तैयार एक विशाल कलश का उपयोग किया गया, जिसके माध्यम से 90 मीटर ऊंचे शिखर पर तीर्थों का पवित्र जल अर्पित किया गया।
महोत्सव में भाग लेने से पूर्व प्रधानमंत्री मोदी ने रोड शो में भी हिस्सा लिया। इस दौरान गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी भी मौजूद रहे।
यह आयोजन मंदिर के पुनर्निर्माण और पुनः प्राण-प्रतिष्ठा के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित ‘सोमनाथ अमृत पर्व–2026’ का हिस्सा है।
कार्यक्रम के तहत ‘विशेष महापूजा’, ‘कुंभाभिषेक’ और ‘ध्वजारोहण’ जैसे अनुष्ठान संपन्न किए जा रहे हैं। साथ ही प्रधानमंत्री द्वारा एक स्मारक डाक टिकट और स्मारक सिक्का जारी किए जाने का भी कार्यक्रम है।

8 से 11 मई तक चलेगा आयोजन
चार दिन तक चलने वाला यह महोत्सव 8 से 11 मई तक आयोजित किया जा रहा है। आजादी के बाद पुनर्निर्मित पहले ज्योतिर्लिंग मंदिर के 75 वर्ष पूरे होने पर यह उत्सव मनाया जा रहा है।
सोमनाथ मंदिर को सनातन परंपरा और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रतीक माना जाता है। इसका पुनर्निर्माण भारत के पहले उपप्रधानमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की पहल पर हुआ था।
आयोजकों के अनुसार, पुनर्निर्मित सोमनाथ मंदिर के शिखर पर यह पहला कुंभाभिषेक है। दक्षिण भारत के मंदिरों में प्रचलित इस परंपरागत शुद्धिकरण अनुष्ठान के लिए 1,100 लीटर क्षमता वाला विशेष कलश तैयार किया गया है।
अधिकारियों के मुताबिक, कलश का वजन 760 किलोग्राम है, जो जल भरने के बाद लगभग 1.86 मीट्रिक टन हो जाता है।
आठ फीट ऊंचे इस कलश को 350 टन क्षमता वाली ऑल-टेरेन क्रेन की मदद से मंदिर के शिखर तक पहुंचाया गया, जिसके लिए क्रेन के बूम को विशेष रूप से 90 मीटर ऊंचाई तक बढ़ाया गया।

