Mother’s Day Special: जिनकी मां भी रहीं खिलाड़ी, वही बेटे IPL 2026 में बिखेर रहे चमक
Sandesh Wahak Digital Desk: मदर्स डे के खास मौके पर इंडियन क्रिकेट को एक प्रेरक कहानी मिलती है-ऐसी माताओं की, जिन्होंने खुद खेल के मैदान में पहचान बनाई और अब उनके बेटे उसी विरासत को आगे बढ़ाते हुए इंडियन प्रीमियर लीग 2026 में शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं।
मौजूदा सीजन में रियान पराग और साई सुदर्शन ऐसे चुनिंदा नाम हैं, जिनकी सफलता के पीछे उनकी खिलाड़ी माताओं की अहम भूमिका रही है।
रियान पराग: नेशनल स्विमर मां की मेहनत, बेटे की कप्तानी में झलक
राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग की मां मीठू बरूआ खुद नेशनल रिकॉर्ड होल्डर तैराक रही हैं।
उन्होंने एशियन चैंपियनशिप और SAF गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व किया। 1993 में पुणे नेशनल गेम्स में 50 मीटर फ्रीस्टाइल में नेशनल रिकॉर्ड बनाने वाली मीठू बरूआ इससे पहले 1985 एशियन एज ग्रुप चैंपियनशिप में 50 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक में सिल्वर मेडल भी जीत चुकी हैं।
मां से मिली अनुशासन और प्रतिस्पर्धी सोच रियान की कप्तानी और बल्लेबाजी में साफ नजर आती है। IPL करियर में अब तक खेले 94 मैचों में उन्होंने 1773 रन बनाए हैं, जिनमें 8 अर्धशतक शामिल हैं।

साई सुदर्शन: वॉलीबॉल खिलाड़ी मां की फिटनेस विरासत
साई सुदर्शन की मां उषा भारद्वाज तमिलनाडु की स्टेट लेवल वॉलीबॉल खिलाड़ी रही हैं। खेल के अनुभव के साथ-साथ वह फिटनेस ट्रेनर और स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग कोच भी हैं।
बेटे की शारीरिक तैयारी और फिटनेस में उनका योगदान साई के निरंतर प्रदर्शन का आधार बना है।
IPL 2026 में साई सुदर्शन का बल्ला खूब बोला है—अब तक 11 मैचों में 440 रन के साथ वे ऑरेंज कैप की दौड़ में बने हुए हैं। वहीं, कुल IPL करियर में 51 मैचों में उनके नाम 2233 रन दर्ज हैं।

विरासत जो मैदान पर दिखी
खुद खिलाड़ी रह चुकी मांओं से मिली खेल की समझ, अनुशासन और फिटनेस का असर रियान पराग और साई सुदर्शन के खेल में साफ झलकता है।
इस मदर्स डे पर उनकी कामयाबी यह संदेश देती है कि खेल की विरासत जब घर से मिलती है, तो मैदान पर उसका असर लंबे समय तक दिखाई देता है।
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