घर में घुसकर सपा महिला जिलाध्यक्ष पर जानलेवा हमला, बीजेपी ने पीडीए को बताया पीड़ा, दमन और अपमान

Chandauli News: उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले से समाजवादी पार्टी की एक महिला पदाधिकारी पर बर्बरतापूर्वक हमले का सनसनीखेज मामला सामने आया है। सपा की महिला सभा की जिलाध्यक्ष गार्गी पटेल के घर में घुसकर कुछ लोगों ने उनके साथ बेरहमी से मारपीट की। इस पूरी वारदात का सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद सूबे का सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी और उसकी सहयोगी पार्टियों ने इस मुद्दे को लेकर समाजवादी पार्टी के पीडीए नारे पर तीखा चौतरफा हमला बोला है।

बाल पकड़कर घसीटा, सिर पर मारी टेबल

यह पूरी घटना मुगलसराय कोतवाली क्षेत्र के जलीलपुर चौकी अंतर्गत मढ़िया गांव की है। वायरल फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि कुछ हमलावर गार्गी पटेल के घर में घुसकर उन्हें बाल पकड़कर बेरहमी से घसीट रहे हैं और पीट रहे हैं। बीच-बचाव करने आई एक अन्य महिला को भी हमलावरों ने निशाना बनाया, जिसके बाद वह जान बचाकर भागती नजर आई। आरोप है कि हमलावरों ने गार्गी पटेल के सिर पर भारी टेबल तक दे मारी। गार्गी पटेल के मुताबिक, वह पिछले 15 वर्षों से वाराणसी के सूजाबाद निवासी एक पार्टनर के साथ जमीन के कारोबार से जुड़ी हैं और यह हमला इसी कारोबारी विवाद के चलते जान से मारने की नीयत से किया गया।

बीजेपी अध्यक्ष का तंज, सपा का पीडीए यानी पीड़ा, दमन और अपमान

इस घटना को लेकर यूपी बीजेपी के अध्यक्ष पंकज चौधरी ने अखिलेश यादव की पार्टी पर बड़ा हमला बोला है। चौधरी ने कहा, जिस पार्टी के मंचों से महिला सम्मान और सामाजिक न्याय की लंबी-लंबी बातें होती हैं, हकीकत में उसी की महिला पदाधिकारी को उनके ही घर में पीटा जा रहा है। सपा में बातों के बताशे कुछ ज्यादा ही फोड़े जाते हैं। दरअसल, इनके PDA का नया संस्करण ‘पीड़ा, दमन और अपमान’ है। सपाइयों का महिला सम्मान सिर्फ पोस्टरों तक सीमित है।

कैबिनेट मंत्री राजभर ने की महाभारत के चीरहरण से तुलना

योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुभासपा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने भी इस मुद्दे पर सपा को आड़े हाथों लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी में पिछड़ा वर्ग, कुर्मी और प्रजापति समाज के लोग कतई सुरक्षित नहीं हैं। राजभर ने सपा पर केवल “यादववादी राजनीति” करने और गैर-यादव पिछड़ों व दलितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। महाभारत के द्रौपदी चीरहरण प्रसंग का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि घटना के वक्त सपा नेतृत्व “मौन दर्शक” बना रहा। जो पार्टी अपनी महिलाओं की सुरक्षा नहीं कर सकती, उसे सामाजिक न्याय की बात करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। हालांकि, इस पूरे विवाद पर अभी तक समाजवादी पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

सीसीटीवी फुटेज सामने आने और पीड़ित गार्गी पटेल की तहरीर मिलने के बाद स्थानीय पुलिस अलर्ट मोड पर है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फुटेज और तहरीर के आधार पर हमलावरों की शिनाख्त की जा रही है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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