संभल में प्रशासन का बुलडोजर एक्शन: अवैध ईदगाह जमींदोज, 25 फीट ऊंची मीनार भी ढहाई

Sambhal News: उत्तर प्रदेश के संभल जिले में मंगलवार को प्रशासन ने सरकारी जमीन पर कथित अवैध कब्जों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। असमोली ब्लॉक के मढ़न गांव में कब्रिस्तान की भूमि पर बनी ईदगाह को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया। कार्रवाई के दौरान सबसे पहले करीब 25 फीट ऊंची मीनार गिराई गई, इसके बाद पूरे निर्माण को हटाया गया। इसी अभियान में एक महिला की जमीन पर बने दो पक्के मकान भी ढहा दिए गए।

कार्रवाई के दौरान डीएम अंकित खंडेलवाल और एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई भारी पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद रहे। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस, पीएसी और आरएएफ के जवानों की तैनाती की गई थी।

कोर्ट के आदेश के बाद हुई कार्रवाई

तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह के मुताबिक, गांव मढ़न की गाटा संख्या 208 राजस्व अभिलेखों में कब्रिस्तान के रूप में दर्ज है। इस जमीन पर हुए निर्माण को लेकर राजस्व संहिता-2006 की धारा 67 के तहत बेदखली के आदेश जारी किए गए थे। वहीं गाटा संख्या 393 पर 0.128 हेक्टेयर भूमि पर अवैध कब्जे के मामले में एसडीएम न्यायिक न्यायालय ने 8 जुलाई 2026 को बेदखली का आदेश दिया था।

इसी आदेश के पालन में राजस्व विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की।

दो पक्के मकान भी किए गए जमींदोज

अभियान के दौरान मुबशशरा खातून की भूमि पर बने दो पक्के मकानों को भी ध्वस्त किया गया। प्रशासन के अनुसार, न्यायालय के आदेश के बावजूद संबंधित पक्ष वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। बुलडोजर चलने से पहले लोगों ने अपने घरों से सामान बाहर निकाल लिया था।

पूरे अभियान के दौरान करीब 100 पुलिसकर्मी, पीएसी और आरएएफ के जवान तैनात रहे। प्रशासन ने आसपास के इलाके में सुरक्षा घेरा बनाकर कार्रवाई शांतिपूर्ण तरीके से पूरी कराई। मौके पर तहसीलदार, नायब तहसीलदार, कानूनगो, राजस्व निरीक्षक और लेखपाल समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।

जनवरी में हुई थी शिकायत

प्रशासन के अनुसार, जनवरी 2026 में ग्रामीणों ने सरकारी कब्रिस्तान की जमीन पर निर्माण की शिकायत की थी। जांच और पैमाइश में निर्माण अवैध पाए जाने के बाद मामला न्यायालय पहुंचा। इसके बाद 21 अप्रैल 2026 को तहसीलदार न्यायालय ने ईदगाह हटाने का आदेश जारी किया था, जिस पर अब अमल किया गया।

डीएम ने क्या कहा?

डीएम अंकित खंडेलवाल ने बताया कि कब्रिस्तान की जमीन पर अवैध निर्माण कर भराव कराया गया था और जमीन की प्लॉटिंग की तैयारी की जा रही थी। शिकायत मिलने के बाद न्यायालय में वाद दायर किया गया। कोर्ट के आदेश के अनुपालन में अवैध निर्माण हटाकर भूमि को फिर से कब्रिस्तान के स्वरूप में बहाल कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ आगे भी नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।

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