दिल्ली CJP प्रदर्शन: लाठीचार्ज पर संसद में हंगामा, खरगे ने लगाया माइक बंद करने का आरोप
Delhi News: संसद के मानसून सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) के नेतृत्व में हुए छात्र प्रदर्शन और कथित लाठीचार्ज का मुद्दा संसद में जोरदार तरीके से उठा।
विपक्षी दलों ने छात्रों के साथ हुई कार्रवाई और पेपर लीक के मुद्दे पर चर्चा की मांग करते हुए सरकार को घेरा। हंगामे के चलते लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित करनी पड़ी।
राज्यसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने आरोप लगाया कि उन्हें अपनी बात रखने का अवसर नहीं दिया गया।
उन्होंने कहा कि देशभर के हजारों छात्र पेपर लीक के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं, लेकिन उनके प्रदर्शन पर लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया।
खरगे ने कहा, “हम इस मुद्दे पर सदन में चर्चा चाहते थे, लेकिन एक शब्द बोलते ही हमारा माइक बंद कर दिया गया। अगर संसद में भी विपक्ष अपनी बात नहीं रख सकता, तो फिर लोकतंत्र में हमारी बात कहां सुनी जाएगी?”
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार ने विपक्ष को सदन के भीतर और बाहर दोनों जगह अपनी बात रखने से रोका।
राहुल गांधी ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दे पर संसद में चर्चा होनी चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा प्रणाली गंभीर संकट में है और पेपर लीक की घटनाओं ने लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित किया है।
राहुल गांधी ने कहा कि सरकार को इस मामले में जवाब देना चाहिए और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए।
अखिलेश यादव और ओवैसी ने भी साधा निशाना
समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि युवाओं के साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया, वह लोकतंत्र में स्वीकार्य नहीं है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपने सहयोगियों पर कार्रवाई नहीं कर रही और युवाओं की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है।
वहीं, AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि सरकार को पहले ही प्रदर्शनकारियों से संवाद करना चाहिए था। उनके अनुसार, समय रहते बातचीत होती तो स्थिति इतनी नहीं बिगड़ती।
प्रियंका गांधी ने छात्रों की आवाज सुनने की अपील की
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि पेपर लीक का मुद्दा लंबे समय से उठाया जा रहा है, लेकिन अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है।
उन्होंने कहा कि लाखों छात्र और उनके परिवार परीक्षा प्रणाली को लेकर चिंतित हैं।
प्रियंका ने कहा कि संसद में इस विषय पर गंभीर चर्चा होनी चाहिए और सरकार को छात्रों की चिंताओं का समाधान करना चाहिए।
साथ ही उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग भी दोहराई।
क्या है मामला?
CJP और विभिन्न छात्र संगठनों ने NEET पेपर लीक, परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर से संसद तक मार्च निकाला था।
मार्च के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव हुआ, जिसके बाद बल प्रयोग किए जाने की खबरें सामने आईं। इसी घटनाक्रम को लेकर विपक्ष ने संसद के भीतर सरकार को घेरा और चर्चा की मांग की।
Also Read: संसद मार्च पर अभिजीत दीपके का बड़ा ऐलान, बोले- अब प्रदर्शन नहीं करेंगे, फिर पीटेगी पुलिस

