सरकार से बातचीत पर CJP की दो टूक, ‘हम नहीं आएंगे, वार्ता करनी है तो जंतर-मंतर आइए’
CJP Protest: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) ने सरकार के साथ बातचीत को लेकर अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। संगठन के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि यदि सरकार बातचीत चाहती है तो पहल उसे ही करनी होगी।
उन्होंने कहा कि सरकार को अपना अहंकार छोड़ना चाहिए और प्रदर्शनकारियों की शर्तों पर आगे आना होगा। यह बयान संसद मार्च के दौरान हुए हंगामे के दो दिन बाद सामने आया है।
जंतर-मंतर या न्यूट्रल जगह पर ही होगी वार्ता
CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि संगठन सरकार के कार्यालय या किसी नेता के घर बातचीत के लिए नहीं जाएगा। उनके अनुसार, वार्ता केवल जंतर-मंतर या किसी न्यूट्रल स्थान पर ही हो सकती है। वहीं, प्रवक्ता सौरव दास ने दावा किया कि बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने फिर बातचीत के लिए बुलाया था, लेकिन उन्होंने साफ कर दिया कि सरकार को लोगों के बीच आकर अपनी बात रखनी चाहिए। उन्होंने दोहराया कि संगठन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग से पीछे नहीं हटेगा।
‘हाउस अरेस्ट’ का आरोप, सरकार ने नहीं दी प्रतिक्रिया
अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि बातचीत के नाम पर उनकी टीम का समय बर्बाद किया गया। उनका दावा है कि प्रतिनिधि आशुतोष रांका और सौरव दास को जेपी नड्डा के आवास पर करीब पांच घंटे तक मोबाइल फोन जब्त कर एक तरह से नजरबंद रखा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी दौरान छात्रों पर पुलिस कार्रवाई हुई।
हालांकि, केंद्र सरकार ने इन आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। सरकारी सूत्रों का कहना है कि यदि प्रदर्शनकारी बातचीत के लिए आगे आते हैं तो सरकार तैयार है। इस बीच, जंतर-मंतर पर छात्रों का प्रदर्शन लगातार 32वें दिन भी जारी है और दोनों पक्ष संसद मार्च के दौरान हुई हिंसा के लिए एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।
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