10 साल में 152 पेपर लीक, पुलिस कार्रवाई पर राहुल गांधी बोले- इसमें छात्रों का क्या कसूर
Rahul Gandhi: दिल्ली में जारी छात्र आंदोलन और संसद मार्च के बीच लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि छात्र शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें उठा रहे हैं, लेकिन उनके साथ सुरक्षा बलों द्वारा सख्ती की जा रही है। राहुल गांधी ने सवाल किया कि आखिर छात्रों का कसूर क्या है। उन्होंने कहा कि युवाओं की मांग सिर्फ निष्पक्ष और पारदर्शी शिक्षा व्यवस्था की है।
राहुल गांधी ने यह भी कहा कि पेपर लीक की घटनाओं ने छात्रों को मानसिक तनाव में डाल दिया है। कई छात्र आत्महत्या तक कर चुके हैं और लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है।
#WATCH | Delhi: Lok Sabha LoP and Congress MP Rahul Gandhi says, "The thing that is very clear to everybody is that our education system, which was known to be one of the best education systems in the world, is today a rigged system… What we do know is that 152 paper leaks have… pic.twitter.com/P5JVhm8qLc
— ANI (@ANI) July 22, 2026
’10 साल में 152 पेपर लीक हुए’
कांग्रेस सांसद ने आरोप लगाया कि पिछले 10 वर्षों में देशभर में 152 परीक्षा पेपर लीक हुए हैं। उनके मुताबिक, हर महीने औसतन एक पेपर लीक होने से करीब 7.5 करोड़ छात्र और उनके परिवार प्रभावित हुए हैं। राहुल गांधी ने कहा कि अधिकतर प्रभावित परिवार मध्यम वर्ग और गरीब तबके से हैं, जो अपनी मेहनत की कमाई बच्चों की पढ़ाई पर खर्च करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था को कुछ लोगों ने नुकसान पहुंचाया है, लेकिन अब तक किसी को सजा नहीं मिली।
#WATCH | Delhi: Lok Sabha LoP and Congress MP Rahul Gandhi says, "It's not just that the system is rigged, it's that the system is unaffordable. This is a statistic that every youngster knows, but somehow the Government of India doesn't. One exam costs the families who take this… pic.twitter.com/ddWkwm0xGe
— ANI (@ANI) July 22, 2026
शिक्षा व्यवस्था और खर्च पर भी उठाए सवाल
राहुल गांधी ने कहा कि मौजूदा परीक्षा व्यवस्था सिर्फ धांधली का शिकार नहीं है, बल्कि आम परिवारों के लिए बेहद महंगी भी हो गई है। उन्होंने दावा किया कि NEET परीक्षा की तैयारी और प्रक्रिया पर परिवारों का सालाना खर्च करीब 1.32 लाख करोड़ रुपये है, जबकि केंद्र का शिक्षा बजट 1.4 लाख करोड़ रुपये है। उनके अनुसार, यही कारण है कि कई युवा बेहतर अवसरों के लिए विदेश का रुख कर रहे हैं।
इससे पहले राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, मल्लिकार्जुन खरगे और अखिलेश यादव ने प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरना दिया था। बाद में दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया और देर रात रिहा कर दिया।
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