छात्रों पर पुलिस कार्रवाई से भड़कीं डिंपल यादव, पूछा- क्या यही है BJP का रामराज्य
Dimple Yadav: समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या यही भारतीय जनता पार्टी का ‘रामराज्य’ है, जहां छात्रों की पिटाई होती है और लड़कियों के कपड़े फाड़े जाते हैं। डिंपल यादव ने आरोप लगाया कि 20 जुलाई को CJP के विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्रों के साथ मारपीट की गई और छात्राओं के साथ भी अभद्रता हुई।
उन्होंने कहा कि विपक्ष संसद में इस पूरे मामले पर चर्चा चाहता है, लेकिन सरकार इससे बच रही है। साथ ही उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी दोहराई।
प्रियंका गांधी बोलीं- छात्रों की मांगें पूरी तरह जायज
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी छात्रों के आंदोलन का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि बार-बार पेपर लीक की घटनाएं हो रही हैं और छात्र अपने अधिकारों के लिए आवाज उठा रहे हैं। उनके अनुसार शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना लोकतांत्रिक अधिकार है और इसमें कुछ भी अलोकतांत्रिक नहीं है।
उन्होंने शिक्षा बजट पर सवाल उठाते हुए कहा कि शिक्षा के लिए 1.4 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान है, जबकि बड़े उद्योगपतियों के 16 लाख करोड़ रुपये के कर्ज माफ किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों के साथ जो हुआ, वही सबसे बड़ा मुद्दा है।
काले कपड़ों में विपक्ष का प्रदर्शन
कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते और शिक्षा व्यवस्था पर संसद में चर्चा नहीं होती, तब तक विपक्ष का विरोध जारी रहेगा। वहीं, विपक्षी दलों के सांसदों ने संसद परिसर में काले कपड़े पहनकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।
इस विरोध में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई सांसद शामिल हुए। विपक्ष ने 20 जुलाई के संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों पर कथित लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल की भी आलोचना की।
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