देश के छात्रों को क्या संदेश जाएगा, नए शिक्षा मंत्री पर अभिजीत दीपके का तीखा हमला
Abhijeet Deepke: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के 36 दिन लंबे छात्र आंदोलन के बाद पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया और प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई। हालांकि, CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने इस नियुक्ति पर कड़ी आपत्ति जताई। एक मीडिया चैनल को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि ऐसे व्यक्ति को शिक्षा मंत्री बनाया गया है, जिसका एक वीडियो बिलकिस बानो मामले के दोषियों के स्वागत से जुड़ा वायरल हुआ था। उन्होंने सवाल उठाया कि इससे देश के छात्रों के बीच क्या संदेश जाएगा और इसे “शर्मनाक” बताया।
सरकार और प्रशासन पर लगाए कई आरोप
दीपके ने कहा कि यदि आंदोलन खत्म होने के बाद सरकार यह मान रही है कि छात्रों का गुस्सा शांत हो गया है, तो ऐसा नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मामलों को वापस नहीं लिया गया और छात्रों को पुलिस कार्रवाई से सुरक्षा का लिखित भरोसा नहीं मिला, तो CJP फिर से सड़क पर उतरेगी। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी टिप्पणी करते हुए कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए।
दीपके ने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर प्रदर्शन को बाधित करने के लिए गुंडे भेजे गए। उनके अनुसार, 19 जुलाई को प्रदर्शन स्थल के पास पत्थरों से भरे ट्रक खड़े किए गए थे। उन्होंने दावा किया कि पहले पुलिस ने इसे एनडीएमसी का ट्रक बताया, लेकिन बाद में सामने आया कि ट्रक हरियाणा का था और सड़क दुर्घटना के मामले में पकड़ा गया था।
सोनम वांगचुक और मुआवजे का भी उठाया मुद्दा
अभिजीत दीपके ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का भी जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि उन्हें ऐसी जगह रखा गया, जहां आम लोगों की पहुंच नहीं थी। उन्होंने कहा कि पेपर लीक रोकने के लिए ठोस व्यवस्था की जरूरत है, केवल फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाना पर्याप्त नहीं है। साथ ही उन्होंने दावा किया कि सरकार से एक करोड़ रुपये मुआवजे को लेकर बातचीत हुई थी और आश्वासन भी मिला, लेकिन अब तक राशि नहीं दी गई है।
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