पाकिस्तान के बलूचिस्तान की कोयला खदान में धमाका, 15 खनिकों की मौत

Sandesh Wahak Digital Desk: पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत स्थित सोरेंज कोलफील्ड क्षेत्र से एक भयानक हादसे की खबर सामने आई है। शुक्रवार को एक निजी कोयला खदान में मीथेन गैस के जोरदार धमाके के कारण कम से कम 15 खनिकों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 24 से अधिक मजदूर अभी भी अंदर फंसे हुए हैं। पाकिस्तानी मीडिया डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, जब यह विस्फोट हुआ तब करीब 24 मजदूर जमीन से लगभग 4,000 फीट की गहराई में काम कर रहे थे। धमाके के तुरंत बाद खदान में भीषण आग लग गई, जिससे उसका ऊपरी और आंतरिक ढांचा ताश के पत्तों की तरह ढह गया।

पास स्थित दूसरी खदान भी आई चपेट में

चीफ इंस्पेक्टर ऑफ माइंस मुहम्मद आतिफ ने हादसे की पुष्टि करते हुए बताया कि विस्फोट इतना तीव्र था कि इसने पास में ही स्थित एक अन्य कोयला खदान को भी अपनी चपेट में ले लिया। हादसे के वक्त दोनों खदानों को मिलाकर कुल 36 खनिक भीतर कार्यरत थे। दूसरी खदान में भी करीब 12 मजदूर फंस गए हैं। घटना की जानकारी मिलते ही माइंस एंड मिनरल्स डिपार्टमेंट और प्रोविंशियल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (PDMA) ने त्वरित बचाव एवं राहत कार्य (Rescue Operation) शुरू कर दिया है।

पाकिस्तान की कोयला खदानों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी के चलते इस तरह के जानलेवा हादसे लगातार सामने आते रहे हैं। इससे पहले मई के महीने में खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के शांगला जिले स्थित अखोरवाल कोयला खदान (माइन नंबर 5) और चपरमश्ती इलाके में हुए दो पृथक हादसों में भी तीन मजदूरों की जान चली गई थी। बार-बार हो रहे इन हादसों से खनिकों के परिजनों में गहरा आक्रोश है।

बलूचिस्तान में हुए इस ताजा हादसे के बाद स्थानीय लोगों और विभिन्न मजदूर संगठनों ने सरकार व खदान प्रशासन के प्रति गहरा रोष व्यक्त किया है। मजदूर यूनियनों ने पाकिस्तान की कोयला खदानों में जीवन रक्षा उपकरणों और बुनियादी सुरक्षा उपायों की भारी कमी पर चिंता जताते हुए सरकार से सख्त मानक लागू करने और जवाबदेही तय करने की मांग की है।

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