ईरान युद्ध में शहीद भारतीय मूल की अमेरिकी सैनिक एंजेल सारा का सैन्य सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार
Sandesh Wahak Digital Desk: जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर हुए ईरानी हमले में शहीद हुईं भारतीय मूल की अमेरिकी सेना की सर्जेंट एंजेल सारा रामप्रसाद को शुक्रवार को न्यूयॉर्क में भव्य और भावुक माहौल के बीच सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। उनके अंतिम संस्कार में अमेरिकी सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, थल सेना के जवान और सैकड़ों की संख्या में स्थानीय नागरिक शामिल हुए। अपनी जांबाज बेटी की शहादत पर मां कैरोल एसेवेडो ने कहा, मेरी बेटी एक सच्ची और असली हीरो थी।
जॉर्डन बेस पर हमले में गंवाई जान
महज दो साल की उम्र में त्रिनिदाद से परिवार के साथ अमेरिका आईं एंजेल सारा का पालन-पोषण न्यूयॉर्क में ही हुआ था। वह अमेरिकी सेना में जर्मनी स्थित एयर एंड मिसाइल डिफेंस कमांड के साथ कार्यरत थीं, लेकिन युद्ध के दौरान उन्हें जॉर्डन के मुवफ्फाक साल्टी एयर बेस पर तैनात किया गया था। जुलाई के अंतिम सप्ताह में इसी एयर बेस पर हुए ईरानी मिसाइल हमले में वे देश की सेवा करते हुए शहीद हो गईं।
न्यूयॉर्क राज्य में झुके राष्ट्रीय ध्वज
सर्जेंट सारा की शहादत पर सम्मान प्रकट करते हुए न्यूयॉर्क की गवर्नर कैथी होचुल ने पूरे राज्य में राष्ट्रीय ध्वज आधा झुकाने का आदेश दिया था। गवर्नर ने कहा कि सारा जैसे निडर अमेरिकियों की वजह से ही देश सुरक्षित है। अंतिम संस्कार के दिन न्यूयॉर्क पुलिस विभाग (NYPD) के दर्जनों मोटरसाइकिल सवार जवानों के काफिले ने उनके पार्थिव शरीर को चर्च तक पहुँचाया, जिसे कई टीवी चैनलों ने लाइव प्रसारित किया। बाद में लॉन्ग आइलैंड स्थित सैन्य कब्रिस्तान में उन्हें अंतिम विदाई दी गई।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और मेयर ममदानी ने जताया शोक
इससे पूर्व, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने डोवर एयर फोर्स बेस पर स्वयं उपस्थित रहकर शहीद सर्जेंट का पार्थिव शरीर स्वीकार किया था। वहीं, चर्च में आयोजित शोक सभा में पहुंचे न्यूयॉर्क शहर के मेयर जोहरान ममदानी ने कहा कि सारा की बहादुरी और सर्वोच्च बलिदान को शहर हमेशा याद रखेगा। विदेशों में जारी युद्ध की तल्खी को न्यूयॉर्क के नागरिक अपने घर में महसूस कर रहे हैं।
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