अब प्लास्टिक पाउच में नहीं मिलेगा पान मसाला, FSSAI ने बदले नियम, जानें और क्या-क्या बदला?

Pan Masala Packaging Rules: दुकानों पर मिलने वाले पान मसाले की पैकिंग अब जल्द ही बदली हुई नजर आएगी। FSSAI ने पान मसाले की पैकेजिंग को लेकर नए नियम लागू कर दिए हैं। अब कंपनियां इसे सामान्य प्लास्टिक पाउच में पैक करके नहीं बेच सकेंगी।

नए नियमों के तहत पान मसाले की पैकिंग (Pan Masala Packaging) के लिए प्लास्टिक-मुक्त कागज, पेपरबोर्ड, सेल्यूलोज, टिन या कांच जैसी सामग्री का इस्तेमाल करना होगा। इसका असर बाजार में बिकने वाले छोटे से लेकर बड़े पैक तक पर पड़ेगा।

प्लास्टिक ही नहीं, अंदर छिपी परत पर भी रोक

नए नियमों में पॉलीथीन, पॉलिएस्टर, PVC और दूसरे सिंथेटिक प्लास्टिक के इस्तेमाल पर रोक लगाई गई है। इतना ही नहीं, ऐसे पाउच भी नियमों के दायरे में आएंगे जिनके ऊपर कागज लगा हो, लेकिन अंदर प्लास्टिक या किसी दूसरी सिंथेटिक परत का इस्तेमाल किया गया हो।

यानी सिर्फ ऊपर से कागज की पैकिंग कर देने से काम नहीं चलेगा। Pan Masala की Packaging पूरी तरह प्लास्टिक-मुक्त होनी चाहिए। कंपनियां पान मसाले को बिना प्लास्टिक वाले कागज, पेपरबोर्ड या सेल्यूलोज में पैक कर सकेंगी। इसके अलावा टिन के डिब्बे और कांच की शीशियां भी इस्तेमाल की जा सकेंगी।

पर्यावरण को ध्यान में रखकर बदला नियम

FSSAI ने पान मसाले को पहली बार पैकेजिंग रेगुलेशन की विशेष सूची में शामिल किया है। यह बदलाव Food Safety and Standards Amendment Regulations, 2026 के तहत किया गया है।

दरअसल, पान मसाले के छोटे प्लास्टिक पाउच बड़ी मात्रा में सड़कों, नालियों और सार्वजनिक जगहों पर फेंके जाते हैं। प्लास्टिक आसानी से नष्ट नहीं होता और नालियों में फंसकर जलभराव जैसी समस्याएं भी पैदा करता है। नए नियमों का उद्देश्य ऐसे प्लास्टिक कचरे को कम करना है।

नए नियमों का मतलब यह नहीं है कि पान मसाले की बिक्री पर रोक लगा दी गई है। पान मसाला पहले की तरह बिकेगा, लेकिन Pan Masala की Packaging अब नए नियमों के मुताबिक करनी होगी।

FSSAI ने अंतिम नियम लागू करने से पहले अप्रैल में ड्राफ्ट जारी किया था और 60 दिनों तक आम लोगों तथा कारोबारियों से सुझाव मांगे थे। सुझावों पर विचार के बाद नियमों को अंतिम रूप दिया गया और 10 अगस्त को सरकारी गजट में प्रकाशित होने के साथ ये देशभर में लागू हो गए।

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