‘मुख्यमंत्री जी JPNIC बेचने पर इतनी सफाई क्यों दे रहे हैं?’ अखिलेश ने LDA से भी पूछे सवाल
JPNIC Lucknow: जय प्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर (JPNIC) को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति में फिर बयानबाजी तेज हो गई है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने मंगलवार को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए योगी सरकार और लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जनता पूछ रही है कि मुख्यमंत्री और सरकारी विभाग JPNIC को लेकर इतनी सफाई क्यों दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोगों को ऐसा क्यों लग रहा है कि “कुछ तो गड़बड़ है।”
अखिलेश ने LDA की रिपोर्ट पर भी सवाल उठाए। उन्होंने तंज कसते हुए पूछा कि रिपोर्ट तैयार करने के लिए प्राधिकरण को कितना प्रतिशत कमीशन मिला। उन्होंने LDA की कार्यप्रणाली पर टिप्पणी करते हुए उसका नाम बदलकर “Lucknow Destruction Authority” तक कह दिया।
पहले भी सरकार पर लगाए थे आरोप
अखिलेश ने रविवार को पार्टी कार्यालय में कहा था कि सरकार ने JPNIC बेच दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार का हर काम “जेब भरने वाला” है। उन्होंने तहसीलों में भ्रष्टाचार, कानून-व्यवस्था और पुलिस की कार्यशैली को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा।
योगी ने बताया सपा के भ्रष्टाचार का स्मारक
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने JPNIC को समाजवादी पार्टी के भ्रष्टाचार का “जीवंत स्मारक” बताया था। उन्होंने कहा था कि सपा ने इसे निजी कंपनी के अड्डे जैसा बना दिया था। योगी के मुताबिक, प्रोजेक्ट की शुरुआती लागत 200 करोड़ रुपये थी, लेकिन 864 करोड़ रुपये खर्च होने के बाद भी यह अधूरा रहा। उन्होंने कहा कि 18 महीने में पूरा होने वाला काम दो साल बाद भी पूरा नहीं हुआ था।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा था कि सेंटर पर सपा का कब्जा बनाए रखने के लिए बनी कमेटी में अखिलेश यादव, डिंपल यादव, धर्मेंद्र यादव, अखिलेश के निजी सचिव और सपा प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी शामिल थे।

