2027 से पहले आसपा को झटका, चंद्रशेखर आजाद का साथ छोड़ कांग्रेस का हाथ थामेंगे अमीर आलम और नवाजिश आलम

Azad Samaj Party: पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले दल-बदल का दौर शुरू हो गया है। पूर्व सांसद अमीर आलम खान और उनके बेटे पूर्व विधायक नवाजिश आलम खान ने आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। दोनों 23 सितंबर को नई दिल्ली में कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण करेंगे।

सम्मान और वादे पूरे नहीं होने का आरोप

नवाजिश आलम ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस्तीफे की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पार्टी में उन्हें अपेक्षित सम्मान नहीं मिल रहा था। अमीर आलम ने भी आसपा नेतृत्व पर वादे पूरे नहीं करने और संपर्क में कमी के आरोप लगाए। अमीर आलम का कहना है कि चंद्रशेखर आजाद ने पार्टी में शामिल करते समय जो वादे किए थे, वे पूरे नहीं हुए।

 

पूर्व सांसद अमीर आलम खान

वहीं, आसपा से जुड़े नेताओं ने अलग वजह बताई है। पार्टी के थानाभवन प्रभारी मौसम अली राव के मुताबिक, पहले बुढ़ाना और मुजफ्फरनगर सीट को लेकर बातचीत हुई थी। बाद में नवाजिश आलम ने थानाभवन से दावेदारी की, जिस पर सहमति नहीं बन सकी। अमीर आलम ने इस दावे को खारिज किया है।

पूर्व विधायक नवाजिश आलम खान

चार दशक पुराना राजनीतिक सफर

अमीर आलम का राजनीतिक सफर 1985 में थानाभवन से विधायक बनने के साथ शुरू हुआ। वह मोरना और थानाभवन से विधायक रहे और उत्तर प्रदेश सरकार में परिवहन मंत्री भी बने। बाद में कैराना से सांसद और सपा से राज्यसभा सदस्य रहे।

नवाजिश आलम 2012 में सपा के टिकट पर बुढ़ाना से विधायक बने। 2017 में मीरापुर से बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ा, लेकिन हार गए। 2018 में पिता-पुत्र रालोद में शामिल हुए और करीब आठ साल वहां रहे। 2 फरवरी 2025 को दोनों ने चंद्रशेखर आजाद की मौजूदगी में आसपा का दामन थामा था। अब करीब डेढ़ साल बाद दोनों ने पार्टी छोड़ने का फैसला किया है।

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