सपा के वरिष्ठ नेता राम गोविंद चौधरी के अंतिम दर्शन में उमड़े नेता, अखिलेश यादव ने पार्थिव शरीर पर रखा सपा का झंडा
Lucknow News: उत्तर प्रदेश विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष और समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता राम गोविंद चौधरी के निधन से प्रदेश के राजनीतिक हलकों में शोक की लहर दौड़ गई है। शनिवार को लखनऊ के निशातगंज स्थित उनके मेट्रो सिटी अपार्टमेंट आवास पर पहुंचकर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उनके पार्थिव शरीर पर पार्टी का झंडा अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए अखिलेश यादव भावुक नजर आए। उन्होंने राम गोविंद चौधरी को समाजवादी आंदोलन का आधारस्तंभ बताते हुए कहा कि उनका पूरा जीवन जनसंघर्ष और समाजवाद के सिद्धांतों को समर्पित रहा।
वैचारिक मतभेदों के बावजूद अभिभावक की तरह थे: केतकी सिंह
राम गोविंद चौधरी के निधन पर बलिया के बांसडीह से भाजपा विधायक केतकी सिंह, परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह और सुभासपा अध्यक्ष व कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने गहरा दुख जताया। केतकी सिंह ने कहा कि राजनीतिक विचारधारा अलग होने के बावजूद चौधरी जी क्षेत्र के लिए अभिभावक तुल्य थे। वहीं, ओम प्रकाश राजभर और दयाशंकर सिंह ने कहा कि उन्होंने संसद से लेकर सड़क तक शोषितों, वंचितों और गरीबों की आवाज उठाई। उनके आवास पर विभिन्न दलों के नेताओं और समर्थकों के पहुंचने का सिलसिला लगातार जारी है।
उत्तर प्रदेश में समाजवादी आंदोलन के बड़े स्तम्भ रहे पूर्व नेता विपक्ष और बलिया के लाल
रामगोविंद चौधरी जी के पार्थिव शरीर पर
पुष्पांजलि अर्पित करते पूर्व मुख़्यमंत्री अखिलेश यादव pic.twitter.com/bHVtpkGfyA— ANIL (@AnilYadavmedia1) September 26, 2026
1977 में चिलकहर से शुरू हुआ राजनीतिक सफर
बलिया की माटी से ताल्लुक रखने वाले राम गोविंद चौधरी ने छात्र राजनीति से अपने सफर की शुरुआत की थी। वर्ष 1977 में उन्होंने चिलकहर विधानसभा सीट से पहली बार जीत दर्ज कर यूपी विधानसभा में कदम रखा। इसके बाद वे लगातार पूर्वांचल की राजनीति में समाजवादी विचारधारा का प्रमुख चेहरा बने रहे। वर्ष 1990-91 में मुलायम सिंह यादव सरकार में उन्होंने उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री का पद संभाला था।
बेसिक शिक्षा मंत्री से नेता प्रतिपक्ष तक का निभाया दायित्व
2012 के विधानसभा चुनाव में बांसडीह सीट से जीत दर्ज करने के बाद अखिलेश यादव सरकार में उन्हें बेसिक शिक्षा और समाज कल्याण विभाग का कैबिनेट मंत्री बनाया गया। 2017 में पुनः बांसडीह से जीतकर वे उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष चुने गए और 2022 तक इस संवैधानिक पद की जिम्मेदारी निभाई। सपा के राष्ट्रीय सचिव के रूप में संगठन को मजबूत करने वाले राम गोविंद चौधरी के निधन को पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने एक युग का अंत करार दिया है।
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