RBI दिसंबर में फिर बढ़ा सकता है रेपो रेट, SBI ने 0.50% बढ़ोतरी की जताई संभावना
SBI Report on RBI Repo Rate : भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बुधवार को रेपो रेट में 0.25 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर दी। इसके बाद यह दर 5.25 प्रतिशत से बढ़कर 5.50 प्रतिशत हो गई है। महंगाई पर काबू पाने के लिए केंद्रीय बैंक की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने यह फैसला लिया। अब भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के अर्थशास्त्रियों ने अनुमान जताया है कि दिसंबर में होने वाली अगली मौद्रिक नीति समीक्षा में RBI रेपो रेट में 0.50 प्रतिशत की बड़ी बढ़ोतरी कर सकता है।
दिसंबर में रेपो रेट 6% तक पहुंचने का अनुमान
SBI के अर्थशास्त्रियों के मुताबिक, मौजूदा महंगाई की स्थिति और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं को देखते हुए दिसंबर में रेपो रेट को 5.50 प्रतिशत से बढ़ाकर 6 प्रतिशत किया जा सकता है। हालांकि, यह फैसला उस समय की वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।
SBI की रिपोर्ट के अनुसार, RBI ने रेपो रेट बढ़ाने के साथ मौद्रिक नीति के रुख को भी ‘न्यूट्रल’ से बदलकर ‘कैलिब्रेटेड टाइटनिंग’ यानी सोच-समझकर मौद्रिक सख्ती करने की दिशा में किया है। SBI इसे केंद्रीय बैंक की ओर से स्पष्ट संकेत मानता है कि महंगाई को नियंत्रित करने के लिए आगे भी कड़े कदम उठाए जा सकते हैं।
फरवरी 2023 के बाद पहली बार बढ़ी दर
RBI ने इससे पहले फरवरी 2023 में रेपो रेट में 0.25 प्रतिशत की बढ़ोतरी की थी। तब यह दर बढ़कर 6.50 प्रतिशत हो गई थी। इसके बाद 2025 में केंद्रीय बैंक ने अलग-अलग मौद्रिक नीति बैठकों में दरों में कटौती की थी, जिससे रेपो रेट घटकर 5.25 प्रतिशत पर आ गया था। अब अक्टूबर 2026 में इसे फिर बढ़ाकर 5.50 प्रतिशत कर दिया गया है।
अक्टूबर की बैठक से पहले भी कई अर्थशास्त्रियों ने अनुमान लगाया था कि RBI अक्टूबर और दिसंबर की बैठकों में 0.25-0.25 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर सकता है। हालांकि, SBI के अर्थशास्त्रियों ने दिसंबर में 0.50 प्रतिशत की बड़ी बढ़ोतरी की संभावना जताई है।
रुपये को मजबूती देने के लिए नीति बनाने पर जोर
SBI की रिपोर्ट में रुपये को मजबूती देने के लिए स्पष्ट आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) नीति बनाने की जरूरत पर भी जोर दिया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, ऐसी नीति से भारत में विदेशी पूंजी का प्रवाह बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
हालांकि, दिसंबर में रेपो रेट बढ़ेगा या नहीं, इस पर अंतिम फैसला उस समय की महंगाई, आर्थिक गतिविधियों और वैश्विक हालात को देखकर ही लिया जाएगा। फिलहाल 0.50 प्रतिशत की बढ़ोतरी SBI के अर्थशास्त्रियों का अनुमान है, RBI का घोषित फैसला नहीं।

