Gorakhpur News: जिस बेटी को मृत समझकर किया अंतिम संस्कार, वह 3 साल बाद जिंदा मिली, अब DNA रिपोर्ट का इंतजार

Gorakhpur News: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। जिस बेटी को मृत मानकर परिवार ने अंतिम संस्कार कर दिया और तेरहवीं भी कर ली, वह तीन साल बाद जिंदा मिल गई। प्रयागराज की रहने वाली प्रीति गुजरात के बड़ौदा स्थित नारी संरक्षण केंद्र में मिली है। वीडियो कॉल पर पहचान होने के बाद परिवार में खुशी लौट आई है।

हालांकि, इस मामले में अब एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। गोरखपुर के गुलरिहा इलाके में जिस युवती के शव को प्रीति का मानकर परिजनों ने अंतिम संस्कार किया था, वह आखिर किसका था? शव की पहचान की पुष्टि के लिए लिया गया DNA सैंपल अब अहम हो गया है। इसकी रिपोर्ट का इंतजार है।

2023 में लापता हुई थी प्रीति

प्रयागराज के उमरावगंज की रहने वाली प्रीति, बनवारी लाल की 27 वर्षीय बेटी है। वह 13 मई 2023 को संदिग्ध परिस्थितियों में घर से लापता हो गई थी। परिवार ने काफी समय तक उसकी तलाश की, लेकिन तीन साल तक उसका कोई पता नहीं चला।

इस बीच 30 सितंबर 2026 को गोरखपुर पुलिस के माध्यम से लालगोपालगंज पुलिस को एक अज्ञात युवती का शव मिलने की सूचना मिली। इसके बाद प्रीति की मां कमला देवी, चचेरे भाई जितेंद्र और भाभी गोरखपुर के गुलरिहा थाने पहुंचे।

परिजनों ने शव की नाक पर तिल और जलने के निशान देखकर उसे प्रीति के रूप में पहचान लिया। पहचान की पुष्टि के लिए उसकी मां का DNA सैंपल भी लिया गया था। परिवार ने 4 अक्टूबर को शव का अंतिम संस्कार कर दिया और 8 अक्टूबर को तेरहवीं भी पूरी कर ली।

लेकिन कुछ दिन बाद सामने आई जानकारी ने पूरे मामले को बदल दिया। जिस बेटी को परिवार मृत मान चुका था, वह गुजरात के एक संरक्षण केंद्र में सुरक्षित मिली।

गुजरात के संरक्षण केंद्र में मिली बेटी

24 अक्टूबर को लालगोपालगंज पुलिस चौकी के दारोगा शुभम ने कमला देवी को फोन कर बताया कि उनकी बेटी गुजरात के एक संरक्षण केंद्र में सुरक्षित है।

बड़ौदा स्थित नारी संरक्षण केंद्र की काउंसलर तृप्ति पांडेय के मुताबिक, युवती 5 अगस्त 2023 को रेलवे स्टेशन के बाहर लावारिस हालत में मिली थी। वह अपने पते के बारे में केवल ‘लालगंज’ बता पाती थी।

काउंसलर के अनुसार, तीन दिन पहले गूगल पर तलाश के दौरान ‘लालगोपालगंज’ नाम सामने आया। इसके बाद युवती से पूछताछ की गई तो उसने उमरावगंज मोहल्ले का नाम बताया। इलाके के बारे में जानकारी जुटाने के बाद पुलिस से संपर्क किया गया।

वीडियो कॉल पर परिवार को पहचाना, DNA रिपोर्ट का इंतजार

पुलिस की मदद से प्रीति और उसके परिजनों के बीच वीडियो कॉल कराई गई। बातचीत के दौरान प्रीति ने अपने परिवार के सदस्यों और पड़ोसियों को पहचान लिया। परिजनों ने भी वीडियो कॉल पर उसकी पहचान की पुष्टि की। इसके बाद परिवार को उसके जीवित होने की जानकारी मिली।

गोरखपुर के एसीपी सिटी निमिष पाटील ने बताया कि जिस शव को परिवार ने प्रीति का समझकर अंतिम संस्कार किया था, उसकी असली पहचान पता लगाने के लिए DNA सैंपल की मदद ली जाएगी।

अब DNA रिपोर्ट से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि गुलरिहा में मिला शव किसका था। फिलहाल, प्रीति के सुरक्षित मिलने से परिवार को राहत मिली है, लेकिन अज्ञात युवती के शव की पहचान का सवाल अभी बाकी है।

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