जोशीमठ में कैसे हुआ हेलीकॉप्टर क्रैश? 6 मौतों की पुष्टि, उड़ान से लेकर मलबा मिलने तक की पूरी कहानी

Joshimath Helicopter Crash: उत्तराखंड के जोशीमठ में हुए हेलीकॉप्टर हादसे की तस्वीर अब साफ हो गई है। बद्रीनाथ से देहरादून लौट रहा हेलीकॉप्टर चमोली जिले में पहाड़ी से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे में पायलट समेत सभी छह लोगों की मौत हो गई। घटनास्थल पर हेलीकॉप्टर का मलबा मिला और बचाव दल ने सभी शव बरामद कर लिए हैं।

यह हादसा चाई गांव के पास भारतीय सेना के कैंप के नजदीक हुआ। अधिकारियों के मुताबिक, हेलीकॉप्टर दोपहर करीब 2:20 बजे मारवाड़ी पुल के पास जेपी पावर हाउस के नजदीक पहाड़ी से टकराया। हादसे के बाद घटनास्थल पर आग और धुआं दिखाई दिया। खराब मौसम, बारिश और कम दृश्यता के कारण बचाव अभियान में भी मुश्किलें आईं।

हादसे से पहले मौसम को लेकर जारी हुआ था अलर्ट

इस दुर्घटना (Joshimath Helicopter Crash) के बीच मौसम विभाग (IMD) की चेतावनी भी चर्चा में है। विभाग ने 30 अक्टूबर को चमोली के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया था। इसमें कुछ इलाकों में गरज-चमक, बिजली गिरने, ओलावृष्टि और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका जताई गई थी। बद्रीनाथ-जोशीमठ मार्ग पर बारिश और बर्फबारी का भी पूर्वानुमान था।

हालांकि, खराब मौसम को हादसे की वजह मान लेना अभी जल्दबाजी होगी। दुर्घटना के वास्तविक कारणों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

एक दशक में हेलीकॉप्टर हादसों में 21 मौतें

हेलीकॉप्टर ट्रांस भारत एविएशन प्राइवेट लिमिटेड का था। इसका कॉल साइन VT-HCX था। इसने दोपहर 1:14 बजे बद्रीनाथ से उड़ान भरी थी और जोशीमठ घाटी के ऊपर पहुंचने पर इसका संपर्क और ट्रैकिंग सिस्टम बंद हो गया था।

हेलीकॉप्टर में पायलट कैप्टन हिमांशु सभरवाल और पांच यात्री प्रतापा, अरुण, शंकर गौड़ा, सुधीर के. और एच.एस. नटराज सवार थे। हादसे के बाद कंपनी के पूरे हेलीकॉप्टर बेड़े को एहतियातन ग्राउंडेड कर दिया गया है।

एसोसिएटेड प्रेस (AP) की रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तराखंड में 2016 से 2026 के बीच 12 हेलीकॉप्टर हादसे दर्ज किए गए, जिनमें 21 लोगों की जान गई। जोशीमठ की यह दुर्घटना (Joshimath Helicopter Crash) एक बार फिर पहाड़ी इलाकों में हेलीकॉप्टर उड़ानों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर रही है।

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