कोई डोसा बना रहा… तो कोई मंदिर में लगा रहा हाजिरी, भारतीय वोटरों को लुभाने में जुटे अमेरिकी नेता
US Midterm Elections 2026: अमेरिका में मिडटर्म चुनाव के लिए प्रचार अपने आखिरी दौर में पहुंच गया है। 3 नवंबर को होने वाली वोटिंग से पहले उम्मीदवार मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए अलग-अलग तरीके अपना रहे हैं।
इस बार भारतीय-अमेरिकी मतदाताओं पर खास ध्यान दिया जा रहा है। कहीं नेता डोसा बनाकर परोस रहे हैं, तो कहीं मंदिरों में पहुंचकर समुदाय के लोगों से संपर्क साध रहे हैं।
टेक्सास के इरविंग में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार जेम्स टालारिको एक भारतीय रेस्तरां में खुद डोसा बनाते और लोगों को परोसते नजर आए। उनके इस अंदाज का वहां मौजूद लोगों ने तालियां बजाकर स्वागत किया। टालारिको राज्य की सीनेट सीट के लिए रिपब्लिकन उम्मीदवार केन पैक्सटन को चुनौती दे रहे हैं।
व्यवसायी जेम्स ब्लंट ने टालारिको के इस प्रयास की तारीफ की। उनके मुताबिक, एक तरफ कुछ रिपब्लिकन समर्थक भारतीयों और उनके खानपान को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां कर रहे हैं, वहीं टालारिको डोसा बनाकर भारतीय समुदाय से जुड़ने की कोशिश कर रहे हैं। ब्लंट ने इसे लोगों के बीच विभाजन के बजाय जुड़ाव बढ़ाने वाला कदम बताया।
मंदिरों में पहुंचकर भी वोट मांग रहे उम्मीदवार
भारतीय-अमेरिकी आबादी वाले राज्यों में मंदिर भी चुनाव प्रचार का अहम केंद्र बन रहे हैं। उम्मीदवार धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में शामिल होकर समुदाय के लोगों से संवाद कर रहे हैं।
कनेक्टिकट के गवर्नर नेड लैमॉन्ट ने एक और कार्यकाल के लिए स्टेट कैपिटल में आयोजित दिवाली समारोह में उप विदेश मंत्री जेनिफर बाराहोना के साथ हिस्सा लिया। ओहायो के सांसद ग्रेग लैंड्समैन बीएपीएस स्वामीनारायण मंदिर के 11वें पाटोत्सव में पहुंचे। वहीं, न्यू जर्सी के सीनेटर कोरी बुकर ने अक्षरधाम मंदिर में आयोजित दिवाली समारोह में शिरकत की।
कई राज्यों में भारतीय समुदाय तक पहुंचने की कोशिश
कांग्रेस सदस्य रैंडी फाइन और स्कॉट पेरी ने हैरिसबर्ग के एक मंदिर का दौरा किया। मिशिगन के सांसद जॉन जेम्स भी एक स्वामीनारायण मंदिर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने मंदिर की परंपराओं और हिंदू-अमेरिकी समुदाय की सेवा भावना के बारे में जानकारी ली।
अमेरिका में भारतीय समुदाय की बड़ी आबादी कैलिफोर्निया, टेक्सास, न्यू जर्सी, न्यूयॉर्क, वाशिंगटन, इलिनॉय, पेंसिल्वेनिया और जॉर्जिया जैसे राज्यों में रहती है। ऐसे में मिडटर्म चुनाव (US Midterm Elections 2026) से पहले इन राज्यों में भारतीय-अमेरिकी मतदाताओं तक पहुंचना उम्मीदवारों की रणनीति का अहम हिस्सा बन गया है।
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