लोकतंत्र बचाओ नहीं, भाजपा से लोकतंत्र बचाने की जरूरत: आराधना मिश्रा
Lucknow News: उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष आराधना मिश्रा ‘मोना’ ने भारतीय जनता पार्टी द्वारा निकाली जा रही ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ यात्राओं पर करारा प्रहार किया है। लखनऊ स्थित प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि वास्तव में देश को ‘भाजपा से लोकतंत्र बचाओ’ यात्रा की सख्त जरूरत है। मोना ने आरोप लगाया कि भाजपा का यह अभियान लोकतंत्र की रक्षा के लिए नहीं, बल्कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के बचाव और देश के प्रजातांत्रिक अधिकारों को दबाने के लिए चलाया जा रहा है।
उन्होंने दावा किया कि एसआईआर (SIR) प्रक्रिया के नाम पर देशभर में करोड़ों वैध मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से जानबूझकर हटाए जा रहे हैं, जो सीधे तौर पर लोकतांत्रिक व्यवस्था पर बड़ा हमला है। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अचानक बढ़ी राजनीतिक सक्रियता के पीछे राज्य के शीर्ष नेतृत्व (मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ) में बदलाव की रणनीति भी छिपी हुई है।
बाबा साहेब की चेतावनी का जिक्र
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने 16 जून 1949 को संविधान सभा में डॉ. भीमराव आंबेडकर द्वारा दिए गए वक्तव्य को दोहराते हुए कहा कि बाबा साहेब ने पूर्व में ही आगाह किया था कि यदि निर्वाचन आयुक्त का पद कार्यपालिका के दबाव या अनुचित प्रभाव में आ जाए, तो उसके कार्यकाल की सुरक्षा का कोई औचित्य नहीं रहता। आज के राजनीतिक माहौल में बाबा साहेब की यह आशंका पूरी तरह सच साबित हो रही है।
नागरिक अधिकारों पर मंडराता खतरा
पश्चिम बंगाल और बिहार के भाजपा नेताओं के बयानों का हवाला देते हुए आराधना मिश्रा ने चिंता जताई कि एसआईआर के दौरान जिन नागरिकों के नाम वोटर लिस्ट से काटे जा रहे हैं, उन्हें सरकारी योजनाओं और राशन सुविधाओं से भी वंचित करने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने इसे सीधे तौर पर नागरिकों के मौलिक अधिकारों का हनन करार दिया।

यूपी में मतदाताओं के आंकड़ों पर घेरा
आराधना मिश्रा ‘मोना’ ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा बताए गए आबादी के आंकड़ों के जरिए निर्वाचन आयोग की सूची में बड़ी गड़बड़ी का दावा किया।
प्रदेश की अनुमानित आबादी: लगभग 25.70 करोड़।
मानक अनुसार मतदाता (65%): लगभग 16 करोड़ 70 लाख 50 हजार होने चाहिए (जैसा कि राज्य निर्वाचन आयोग की स्थानीय निकाय सूचियों में भी दिखता है)।
आयोग द्वारा घोषित वर्तमान आंकड़े: एसआईआर के बाद मुख्य चुनाव आयुक्त द्वारा मात्र 13,39,84,792 मतदाता ही दर्ज किए गए हैं।
उन्होंने सवाल उठाया कि लगभग 3.30 करोड़ से अधिक मतदाता सूची से अचानक कैसे गायब हो गए? मोना ने स्पष्ट किया कि पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस किसी भी कीमत पर वोट चोरी नहीं होने देगी और आगामी चुनावों में इंडिया गठबंधन को इसका सीधा राजनीतिक लाभ मिलेगा।

