अमावस्या पर 2 महीने के मासूम की बलि देने की थी साजिश, चचेरी दादी समेत 3 गिरफ्तार
Maharajganj Crime News: उत्तर प्रदेश के महराजगंज में अंधविश्वास के चलते दो महीने के मासूम की नरबलि देने की खौफनाक साजिश रची गई। बच्चे को उसके माता-पिता के बीच सोते समय आधी रात के बाद मां की गोद से उठा लिया गया। पुलिस ने शनिवार को मामले का खुलासा करते हुए दिल्ली के कश्मीरी गेट बस स्टैंड से मासूम को सकुशल बरामद कर लिया। इस साजिश में शामिल बच्चे की चचेरी दादी, उसकी बेटी और दूसरे पति को गिरफ्तार किया गया है।
ठूठीबारी थाना क्षेत्र के राजाबारी टोला रमजीता गांव निवासी गोविंद ने 3 नवंबर को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि रात में कोई उसके दो महीने के बेटे को उठाकर ले गया। एसपी शक्ति मोहन अवस्थी के मुताबिक, पुलिस ने मामले की जांच के लिए करीब 200 CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। सुबह 3:57 बजे एक फुटेज में संदिग्ध महिला झोला लेकर राजाबारी पुल से निचलौल रोड की तरफ जाती दिखाई दी। उसकी पहचान बच्चे की चचेरी बुआ सावित्री के रूप में हुई, जो घुघली थाना क्षेत्र के कफवा की रहने वाली है।
पति और बेटे की वापसी के लिए नरबलि की योजना
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि सावित्री ने अपनी बेटी सरस्वती और दूसरे पति करण कुमार गौतम के साथ मिलकर अपहरण की योजना बनाई थी। आरोपियों के मुताबिक, अमावस्या पर मासूम की बलि देने की तैयारी थी, ताकि परिवार के लापता सदस्यों की वापसी हो सके और अकाल मौतों का सिलसिला रुक जाए।
पुलिस के अनुसार, रमजीता निवासी सरस्वती का पति कई साल से लापता है और उसका बेटा भी गायब है। परिवार में पहले कई अकाल मौतें हो चुकी हैं। सावित्री ने नेपाल के बैरियहवा की एक महिला तांत्रिक (ओझा) को अपनी परेशानी बताई थी। आरोप है कि उसी तांत्रिक ने पति-बेटे की वापसी और परिवार की समस्याएं दूर करने के लिए नरबलि देने की सलाह दी थी।
दिल्ली से बरामद हुआ बच्चा, माता-पिता को सौंपा
महिला की लोकेशन ट्रेस करते हुए ठूठीबारी पुलिस और स्वाट टीम दिल्ली पहुंची। कश्मीरी गेट बस स्टैंड पर सावित्री अपने दूसरे पति करण कुमार गौतम के साथ मासूम को लेकर मिली। पुलिस ने बच्चे को कब्जे में लेकर पहचान कराई और चिकित्सीय परीक्षण के बाद माता-पिता को सौंप दिया।
बताया गया कि करीब 38 वर्षीय सावित्री पहले पति की मौत के बाद 21 वर्षीय युवक करण के साथ रह रही थी। उसकी दूसरी शादी की जानकारी परिजनों को भी नहीं थी।
पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ अपहरण, घर में घुसने और आपराधिक षड्यंत्र की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। बच्चों की अवैध बिक्री और तस्करी से जुड़ी जेजे एक्ट की धारा 80 के तहत भी कार्रवाई की गई है। मामले के खुलासे में ठूठीबारी पुलिस, SOG, स्वाट, सर्विलांस और डॉग ट्रैकर स्क्वॉयड की टीमों ने भूमिका निभाई।
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