राम मंदिर ट्रस्ट में तीन नए सदस्यों की नियुक्ति, मदन मोहन, महेश भागचंदा और निर्मला यादव शामिल

Ayodhya News: अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। ट्रस्ट में खाली पड़े तीन पदों को भरते हुए तीन नए ट्रस्टियों की नियुक्ति की गई है। इनमें अयोध्या के मदन मोहन, दिल्ली के महेश भागचंदा और शिकोहाबाद की निर्मला यादव का नाम शामिल है। अयोध्या के मणिराम दास जी छावनी में आयोजित ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक के दौरान इन तीनों नामों पर मुहर लगाई गई।

ट्रस्ट की इस बैठक में राम मंदिर के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) की नियुक्ति को लेकर भी अंतिम फैसला होना है। गौरतलब है कि चंदा चोरी के आरोपों के बाद पूर्व महामंत्री चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे के बाद ट्रस्ट के प्रबंधन व कामकाज को चुस्त-दुरुस्त और पारदर्शी बनाने के लिए 6 जुलाई से सीईओ चयन की प्रक्रिया शुरू की गई थी। इसके साथ ही प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार के लिए ट्रस्ट की डीड में संशोधन करने जैसे बड़े फैसलों पर भी सहमति बननी तय मानी जा रही है।

ट्रस्ट एक स्वतंत्र संस्था, बाहरी टिप्पणी अनुचित

सीईओ नियुक्ति और ट्रस्ट के फैसलों पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता व सांसद दिनेश शर्मा ने कहा कि राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद गठित एक स्वायत्त व स्वतंत्र संस्था है। उनका अपना संविधान और कानूनी दायरा है। ट्रस्ट जो भी विधिक और धार्मिक भावनाओं को ध्यान में रखकर फैसला लेगा, वह सर्वमान्य होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि राम मंदिर करोड़ों भक्तों की आस्था का केंद्र है और बाहरी लोगों को इस पर किसी भी तरह की अनावश्यक बयानबाजी या टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है।

पटना में बिहार सरकार के मंत्री दिलीप जायसवाल ने मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राम मंदिर प्रबंधन में पूर्ण पारदर्शिता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार का रुख साफ है कि वहां किसी भी प्रकार की अनियमितता या गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। चढ़ावा चोरी मामले में त्वरित कार्रवाई के बाद अब नियमानुसार सीईओ की नियुक्ति की जा रही है, जो एक सकारात्मक कदम है।

दूसरी ओर, इस पूरी कवायद को लेकर विपक्षी दल कांग्रेस ने ट्रस्ट और सरकार की नीयत पर सवाल खड़े किए हैं। लखनऊ में पार्टी के प्रांतीय प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने चढ़ावा चोरी मामले को उठाते हुए कहा कि ट्रस्ट ने भगवान राम के करोड़ों भक्तों का विश्वास तोड़ा है। जिस संस्था पर दान और चढ़ावे की चोरी के गंभीर आरोप लगे हों और जिसने अपना नैतिक आधार खो दिया हो, वह अब नया सीईओ नियुक्त कर रही है। कांग्रेस प्रवक्ता ने इसे पूरी तरह से अस्वीकार्य और महज लीपापोती करार दिया।

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