लखनऊ में आरक्षण को लेकर हंगामा, पुलिस से धक्का-मुक्की, सरदार सेना का विधानसभा मार्च रोका

Lucknow News: लखनऊ में बुधवार को आरक्षण के मुद्दे पर सरदार सेना और सरकारी भर्तियों के अभ्यर्थियों ने प्रदर्शन किया। चारबाग रेलवे स्टेशन पर करीब 500 लोग जुटे। इनमें 22 अलग-अलग भर्तियों के अभ्यर्थी और संगठन के कार्यकर्ता शामिल थे। प्रदर्शनकारियों ने आरक्षण के समर्थन में नारे लगाए और विधानसभा की ओर पैदल मार्च शुरू किया।

बैरिकेडिंग पर पुलिस से धक्का-मुक्की

प्रदर्शनकारी करीब 500 मीटर आगे पहुंचे थे। हरबिलास अस्पताल के पास पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोक दिया। आगे बढ़ने को लेकर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की हुई। करीब एक घंटे तक मौके पर हंगामा चलता रहा। विरोध बढ़ने पर पुलिस सरदार सेना के अध्यक्ष डॉ. आरएस पटेल समेत कुछ प्रदर्शनकारियों को टांगकर वहां से ले गई।

22 भर्तियों में आरक्षण को लेकर आरोप

सरदार सेना के संस्थापक डॉ. आरएस पटेल ने बताया कि ‘आरक्षण बचाओ पदयात्रा’ 26 अगस्त को प्रयागराज स्थित इलाहाबाद विश्वविद्यालय से शुरू हुई थी। यह कौशाम्बी, फतेहपुर और रायबरेली होते हुए लखनऊ पहुंची। उनके मुताबिक पदयात्रा में हजारों सरदार सैनिक और आरक्षण समर्थक शामिल हुए।

संगठन ने UPSSSC, 68,500 और 69 हजार शिक्षक भर्ती, पशुपालन, चिकित्सा और लेखपाल भर्ती समेत 22 भर्तियों में आरक्षण के क्रियान्वयन में अनियमितता का आरोप लगाया है। संगठन का दावा है कि SC, ST और OBC के पात्र अभ्यर्थियों को पूरा लाभ नहीं मिल रहा।

क्या हैं प्रमुख मांगें

सरदार सेना ने आरक्षण रोस्टर सार्वजनिक करने, विभागवार और श्रेणीवार पदों की जानकारी देने की मांग की है। संगठन आरक्षण निगरानी बोर्ड, स्वतंत्र निगरानी और सामाजिक ऑडिट की व्यवस्था चाहता है। साथ ही शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए कानून और नियमों के उल्लंघन पर अधिकारियों की व्यक्तिगत जवाबदेही तय करने की मांग की गई है।

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