इटली के स्कूलों में बुर्का-नकाब पर बैन लगाने की तैयारी, PM मेलोनी ने किया बड़ा ऐलान
Burqa-Niqab Ban in Italy Schools: इटली में स्कूलों से जुड़े नियमों को लेकर प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी (Giorgia Meloni) ने बड़ा ऐलान किया है। मेलोनी ने कहा कि सरकार स्कूलों में बुर्का और नकाब पर रोक लगाने के साथ हर कक्षा में विदेशी छात्रों की संख्या की अधिकतम सीमा तय करने के लिए जल्द प्रस्ताव कैबिनेट में लाएगी।
मेलोनी ने अपनी पार्टी ब्रदर्स ऑफ इटली की युवा शाखा के कार्यक्रम में कहा कि जिन विदेशी छात्रों को स्कूल व्यवस्था में घुलने-मिलने में गंभीर परेशानी है, उनके माता-पिता को भी इतालवी भाषा सीखने की व्यवस्था प्रस्ताव में शामिल होगी। हालांकि, सरकार ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि एक कक्षा में विदेशी छात्रों की अधिकतम संख्या कितनी होगी।
स्कूलों में चेहरा ढकने पर रोक की तैयारी
मेलोनी ने कहा कि स्कूल में चेहरा ढककर जाना स्वीकार्य नहीं होना चाहिए। उन्होंने बुर्का और नकाब पर प्रतिबंध (Burqa Niqab Ban) को प्रस्तावित पैकेज का हिस्सा बताया। हालांकि, अलग-अलग रिपोर्टों में हिजाब (Hijab) को लेकर भी उल्लेख है, इसलिए अंतिम कानूनी प्रावधान सामने आने के बाद ही इसकी वास्तविक सीमा स्पष्ट होगी। Reuters और ANSA के अनुसार मेलोनी ने कैबिनेट में आने वाले प्रस्ताव में बुर्का और नकाब पर रोक की बात कही है।
इटली में पहले से ऐसा कोई स्पष्ट कानून नहीं है जो स्कूलों में बुर्के या नकाब पर विशेष रूप से रोक लगाता हो। हालांकि, 1975 के एक कानून में ऐसे कपड़ों या हेलमेट के इस्तेमाल पर प्रतिबंध है, जिनसे किसी व्यक्ति की पहचान मुश्किल हो, जब तक उसके पीछे उचित कारण न हो।
विदेशी छात्रों की सीमा पहले से लागू
इटली के स्कूलों (Italy Schools) में विदेशी छात्रों की संख्या को लेकर पहले से ही नियम मौजूद हैं। 2010 से सामान्य तौर पर किसी कक्षा या स्कूल में विदेशी छात्रों की संख्या 30 प्रतिशत तक रखने का प्रावधान है। भाषा की स्थिति के आधार पर इसमें बदलाव की गुंजाइश भी है।
उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, इटली के स्कूलों में नामांकित छात्रों में गैर-इतालवी नागरिकों की हिस्सेदारी करीब 11.6 प्रतिशत है। मेलोनी ने अब इस व्यवस्था (Burqa Niqab Ban) को कानूनी रूप से और स्पष्ट करने की बात कही है। प्रस्ताव को कैबिनेट से मंजूरी के बाद संसद की प्रक्रिया से भी गुजरना होगा।
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