अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव: मोहम्मद नोमान अध्यक्ष और नशरा नईम बनीं पहली महिला उपाध्यक्ष
Aligarh News: उत्तर प्रदेश के ऐतिहासिक अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) में आठ साल के लंबे अंतराल के बाद संपन्न हुए छात्रसंघ चुनावों के परिणाम घोषित हो चुके हैं। इस चुनाव में विश्वविद्यालय की छात्र राजनीति में नए चेहरों का उभार हुआ है, जिसमें अध्यक्ष पद पर मोहम्मद नोमान अशरफ, उपाध्यक्ष पद पर नशरा नईम और सचिव पद पर मोहम्मद हमदान ने जीत हासिल की है। चुनाव में किसी भी राजनीतिक दल का आधिकारिक पैनल नहीं था, इसलिए मुकाबला पूरी तरह से क्षेत्रीय लॉबी, छात्र समूहों और उम्मीदवारों के व्यक्तिगत विजन पर केंद्रित रहा।
नए पदाधिकारियों का संक्षिप्त परिचय और चुनाव परिणाम
अध्यक्ष – मोहम्मद नोमान अशरफ: इतिहास विभाग के पीएचडी तीसरे वर्ष के रिसर्चर नोमान ने 21 पन्नों का विस्तृत मैनिफेस्टो जारी किया था। उन्होंने फेलोशिप, महिला सुरक्षा और प्लेसमेंट जैसे मुद्दों के साथ अपने अंतिम भाषण में अंतरराष्ट्रीय मुद्दों का भी जिक्र किया। उन्होंने 7,797 वोट पाकर अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी मोहम्मद इंतखाब (3,676 वोट) को 4,121 वोटों के बड़े अंतर से शिकस्त दी।
उपाध्यक्ष – नशरा नईम (ऐतिहासिक जीत): लॉ फैकल्टी की बीए-एलएलबी (BA-LLB) छात्रा नशरा नईम ने AMU छात्रसंघ के इतिहास में एक नया रिकॉर्ड बनाते हुए शीर्ष तीन पदों (अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव) में से किसी पर जीतने वाली पहली महिला बनने का गौरव हासिल किया है। उन्होंने 7,091 वोट पाकर साकिब अली खान को हराया।
सचिव – मोहम्मद हमदान: बीटेक के छात्र मोहम्मद हमदान ने पांच पन्नों के मैनिफेस्टो के साथ चुनाव लड़ा, जिसमें हॉस्टल समस्याओं, सुरक्षा और कानूनी मदद जैसे मुद्दे शामिल थे। उन्हें तीनों प्रमुख पदों में सबसे अधिक 8,385 वोट मिले, जबकि अहमद फराज राजी 6,882 वोटों के साथ दूसरे स्थान पर रहे।
आठ साल का लंबा इंतजार
AMU में पिछला छात्रसंघ चुनाव सत्र 2018-19 में हुआ था, जिसके बाद से चुनाव बंद थे। छात्र लंबे समय से यूनियन बहाली की मांग कर रहे थे। इसी वर्ष छात्र यासिर फहाद द्वारा 19 दिनों तक की गई भूख हड़ताल के बाद प्रशासन ने चुनाव कराने का ऐतिहासिक निर्णय लिया। इस बार लगभग 26,500 छात्र-अब छात्र-छात्राओं ने मताधिकार का प्रयोग किया। चुनाव संपन्न होने के बाद कैंपस में जीत का जश्न मनाया गया, और अब नए पदाधिकारियों के सामने हॉस्टल प्रबंधन, फेलोशिप, प्लेसमेंट और छात्रों की बुनियादी समस्याओं को प्रशासन के समक्ष मजबूती से उठाने की बड़ी चुनौती होगी।
Also Read: फील्डिंग के दौरान चोटिल हुआ बांग्लादेशी फील्डर, स्ट्रेचर पर मैदान से बाहर ले जाना पड़ा

