CJP प्रदर्शन में शामिल छात्रों को राहत, शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर नहीं होगी सख्त कार्रवाई
Supreme Court: दिल्ली सरकार ने जंतर-मंतर पर हुए विरोध-प्रदर्शन को लेकर बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सरकार ने दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया है कि शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन में शामिल लोगों के खिलाफ कोई कठोर कानूनी कार्रवाई न की जाए। यह निर्णय सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद लिया गया है।
हालांकि, यह राहत उन लोगों को नहीं मिलेगी जिनका आपराधिक रिकॉर्ड है या जो हिंसा और गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल पाए गए हैं। सरकार ने पुलिस को प्रदर्शन से जुड़े सभी गिरफ्तारी और हिरासत मामलों की जल्द समीक्षा करने के निर्देश भी दिए हैं।
13 मामले दर्ज, गृह मंत्री ने दी सफाई
जानकारी के अनुसार, 29 जुलाई की शाम 6 बजे तक दिल्ली पुलिस ने NEET (UG) पेपर लीक के विरोध में जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन से जुड़े 13 मामले दर्ज किए थे।
दिल्ली के गृह मंत्री आशीष सूद ने कहा कि केवल शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल होने के आधार पर किसी छात्र के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि सिर्फ विरोध-प्रदर्शन में शामिल होने के कारण किसी छात्र पर मुकदमा दर्ज नहीं होगा।
हिंसा और आपराधिक मामलों में नहीं मिलेगी राहत
गृह मंत्री ने स्पष्ट किया कि यह छूट उन लोगों पर लागू नहीं होगी जिनके खिलाफ पहले से आपराधिक मामले दर्ज हैं या जिन्होंने प्रदर्शन के दौरान हिंसा, तोड़फोड़ या अन्य गैरकानूनी गतिविधियों को अंजाम दिया है। ऐसे मामलों में कानून के अनुसार कार्रवाई जारी रहेगी।
दिल्ली सरकार की ओर से गुरुवार शाम जारी आदेश में कहा गया कि ‘शैलेन्द्र मणि त्रिपाठी बनाम भारत संघ व अन्य’ मामले में 28 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट के आदेश और सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद यह फैसला लिया गया है। सरकार ने बताया कि यह निर्णय उपराज्यपाल की मंजूरी मिलने के बाद लागू किया गया।
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