Gorakhpur News: कागजों में बदला नाम, 2 साल से सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे जंगीलाल

Gorakhpur News: फिल्म कागज की कहानी की तरह गोरखपुर में भी सरकारी रिकॉर्ड की एक गलती ने 75 वर्षीय जंगी लाल की जिंदगी मुश्किल बना दी है। तहसील सदर के मौजा गौर निवासी जंगी लाल का नाम वरासत के दौरान रिकॉर्ड में ‘रंगी लाल’ दर्ज हो गया।

इसके कारण खतौनी में नाम होने के बावजूद उन्हें कई सरकारी सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। सबसे बड़ी बात यह है कि इस गलती में उनका कोई दोष नहीं है, लेकिन पिछले दो वर्षों से वह अपना नाम सही कराने के लिए राजस्व विभाग के चक्कर लगा रहे हैं।

पत्रावली गायब, सुनवाई का इंतजार

जंगी लाल का कहना है कि एसडीएम न्यायालय में उनकी पत्रावली ही नहीं मिल रही है। उन्हें सिर्फ यह कहकर लौटाया जा रहा है कि सुनवाई के बाद ही न्याय मिलेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि तत्कालीन लेखपाल और कानूनगो ने पैसे नहीं मिलने पर गलत नाम दर्ज कर दिया। वहीं, उनके अधिवक्ता विशाल जायसवाल ने बताया कि पत्रावली की तलाश की जा रही है और उसके मिलने के बाद आगे की कार्रवाई होगी।

कई और लोग भी भुगत रहे परेशानी

तहसील सदर में ऐसे कई मामले सामने आए हैं। कल्पना चौधरी बनाम सरकार मामले में 2024 में मुकदमा होने के बावजूद दो साल बाद भी खतौनी में आदेश दर्ज नहीं हुआ। अधिवक्ता बैजनाथ यादव के अनुसार, नामांतरण के बाद अगली खतौनी से कल्पना चौधरी का नाम गायब हो गया।

इसी तरह कैसर हुसैन बनाम सरकार मामले में भी तीन साल से आदेश लंबित है। अधिवक्ता मनीष श्रीवास्तव ने बताया कि रिकॉर्ड में एक गाटा संख्या दर्ज करने में हुई त्रुटि के कारण पूरी जमीन का विवरण गायब हो गया।

इस मामले पर एसडीएम दीपक गुप्ता ने कहा कि सभी संबंधित पत्रावलियों की जांच कर गुण-दोष के आधार पर फैसला लिया जाएगा और लंबित मामलों का जल्द निस्तारण किया जाएगा।

Also Read : राम मंदिर से 3 करोड़ की चोरी, ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष ने पहली बार किया आधिकारिक खुलासा  

Get real time updates directly on you device, subscribe now.