Siddharthnagar News: अतीक बुक्स एंड स्टेशनरी का भव्य शुभारंभ, शिक्षा और संस्कारों का केंद्र बनेगा नया बुक डिपो
Siddharthnagar News: उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जनपद मुख्यालय स्थित सिविल लाइंस, खजूरिया रोड पर अतीक बुक्स एंड स्टेशनरी का भव्य उद्घाटन संपन्न हुआ। इस अवसर पर स्थानीय गणमान्य नागरिकों, प्रबुद्धजनों और शिक्षाशास्त्रियों की बड़ी संख्या में गरिमामयी मौजूदगी रही।
एक अच्छी किताब सौ दोस्तों के बराबर होती है
उद्घाटन के मौके पर अतीक बुक डिपो के संचालक, प्रसिद्ध उर्दू-अरबी शिक्षक एवं मुस्लिम विद्वान मौलाना अतीक अहमद ने कहा कि एक अच्छी किताब सौ दोस्तों के बराबर होती है। उन्होंने बताया कि इस नए प्रतिष्ठान को शुरू करने का मुख्य उद्देश्य समाज में पढ़ने-लिखने की संस्कृति को बढ़ावा देना और शिक्षा का व्यापक प्रचार-प्रसार करना है।
मौलाना अतीक अहमद ने कहा कि उनकी मंशा है कि क्षेत्र का कोई भी व्यक्ति शिक्षा और ज्ञान से वंचित न रहे। उन्होंने विशेष रूप से अपील की कि समाज के लोग धार्मिक, साहित्यिक और उपयोगी पुस्तकों का अध्ययन करें, जिससे समाज में जागरूकता, नैतिकता और भाईचारे का विस्तार हो सके।

इल्म शेरनी का वो दूध है जो पीता है, वही समाज में दहाड़ता है
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मौलाना कलाम सल्फी ने आधुनिक दौर में मोबाइल के बढ़ते असर पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि आज लोगों के हाथों में किताबों के बजाय स्मार्टफोन नजर आते हैं। ज्ञान ही मानव और दानव में अंतर स्पष्ट करता है। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि इल्म (शिक्षा) शेरनी का वो दूध है जो पीता है, वही समाज में दहाड़ता है। बिना शिक्षा के किसी भी समाज या व्यक्ति का कल्याण संभव नहीं है।
मोबाइल से ज्यादा किताबों को बनाएं अपना सच्चा साथी
मौलाना सल्फी ने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि यदि जीवन में सफलता हासिल करनी है और समाज को नई दिशा देनी है, तो मोबाइल का सीमित प्रयोग करें और किताबों को अपना सच्चा साथी बनाएं। किताबें न केवल जीवन में सही मार्गदर्शन करती हैं, बल्कि व्यक्ति का सर्वांगीण विकास कर उसे एक बेहतर इंसान बनाती हैं।

केवल दुकान नहीं, संस्कार का केंद्र बनेगी यह पहल
समारोह के समापन पर मौलाना अतीक अहमद ने आए हुए सभी अतिथियों और स्थानीय नागरिकों का धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि अतीक बुक्स एंड स्टेशनरी सिर्फ एक व्यावसायिक दुकान नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र में ज्ञान, शिक्षा और संस्कारों का एक सशक्त केंद्र बनने की ओर एक महत्वपूर्ण कदम है।
रिपोर्ट- जाकिर खान

