झारखंड का ‘जंतर-मंतर’ बना रांची, JPSC अभ्यर्थियों की हुंकार- सरकार जिंदा रखे या मार दे
Jharkhand Student Protest: रांची का जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम इन दिनों छात्रों के आंदोलन का केंद्र बन गया है। झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में कथित अनियमितताओं के विरोध में 25 जुलाई से शुरू हुआ आंदोलन अब और तेज हो गया है।
बड़ी संख्या में छात्र लगातार धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं और कई अभ्यर्थी आमरण अनशन पर बैठे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अब सरकार उनके भविष्य को लेकर फैसला करे, क्योंकि उनकी मांगों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है।
छात्रों की मुख्य मांग है कि TDPL एजेंसी के जरिए कराई गई 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा रद्द की जाए, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और भर्ती परीक्षाओं के लिए नियमित वार्षिक कैलेंडर जारी किया जाए। आंदोलन में शामिल छात्रों का आरोप है कि परीक्षा प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां हुई हैं, जिससे योग्य अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ है।
अनशन पर बैठे छात्र, दो गुटों में बंटा आंदोलन
आंदोलन (Jharkhand Student Protest) फिलहाल दो गुटों में बंटा हुआ है, लेकिन दोनों का उद्देश्य एक ही है। एक गुट का नेतृत्व झारखंड लोकतांत्रिक क्रांति मोर्चा (JLKM) के नेता देवेंद्र महतो कर रहे हैं, जो पिछले कई दिनों से भूख हड़ताल पर हैं।
वहीं दूसरे गुट में ब्रह्मानंद समेत कई छात्र खुले आसमान के नीचे आमरण अनशन कर रहे हैं। उनका कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार हो रही अनियमितताओं से युवाओं का भविष्य दांव पर लग गया है।
‘नौकरी चाहिए, योजनाएं नहीं’
प्रदर्शन में शामिल छात्र-छात्राओं का कहना है कि उन्हें सरकारी योजनाओं से ज्यादा निष्पक्ष भर्ती और रोजगार चाहिए। कई छात्रों ने आरोप लगाया कि JPSC और JSSC जैसी परीक्षाओं में बार-बार गड़बड़ियां सामने आने से मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों का भरोसा टूट रहा है। कुछ छात्रों ने कहा कि यदि परीक्षा निष्पक्ष होती तो उनका चयन तय था।
इधर, JPSC परीक्षा में कथित धांधली की जांच CID कर रही है। जांच के दौरान परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी और आयोग से जुड़े लोगों के पास अभ्यर्थियों की OMR शीट और एडमिट कार्ड मिलने की बात सामने आई है। इस मामले में कई लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि पूर्व JPSC अध्यक्ष से भी पूछताछ जारी है।
आंदोलनकारी छात्र (Jharkhand Student Protest) अब भी 14वीं JPSC परीक्षा रद्द करने, CBI जांच कराने और भविष्य में पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित करने की मांग पर अड़े हुए हैं।
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