Bihar: जातिगत गणना की रिपोर्ट पर जीतन राम मांझी ने CM नीतीश से की बड़ी मांग

Bihar Caste Based Survey: गांधी जयंती (2 अक्टूबर) के मौके पर सोमवार को बिहार में जातिगत गणना की रिपोर्ट जारी कर दी गई. बिहार सरकार के अपर मुख्य सचिव विवेक सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जाति आधारित गणना का डेटा प्रस्तुत किया. इसमें बताया गया कि अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) और अत्यंत पिछड़ा वर्ग (ईबीसी) राज्य की कुल आबादी का 63 प्रतिशत हैं. इसको लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं आनी शुरू हो गई है. बिहार के पूर्व सीएम जीतन राम मांझी ने ट्वीट के माध्यम से एससी-एसटी, ओबीसी और ईबीसी के लिए बड़ी मांग कर दी है.

जीतन राम मांझी का ट्वीट

अपने आधिकारिक एक्स (ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए जीतन राम मांझी ने लिखा कि ‘बिहार में जाति आधारित गणना की रिपोर्ट आ चुकी है. सूबे के SC/ST, OBC, EBC की आबादी तो बहुत है पर उनके साथ हक़मारी की जा रही है. मैं माननीय नीतीश कुमार जी से आग्रह करता हूं कि राज्य में आबादी के प्रतिशत के हिसाब से सरकारी नौकरी/स्थानीय निकायों में आरक्षण लागू करें,वही न्याय संगत होगा.’

बता दें कि बिहार के अपर मुख्य सचिव विवेक सिंह द्वारा जारी जाति आधारित गणना आंकड़ों के अनुसार, राज्य की कुल जनसंख्या 13.07 करोड़ से कुछ अधिक है, जिसमें से 36 प्रतिशत के साथ ईबीसी सबसे बड़ा सामाजिक वर्ग है. इसके बाद ओबीसी 27.13 प्रतिशत हैं. सर्वे में यह भी कहा गया है कि ओबीसी समूह में शामिल यादव समुदाय प्रदेश की कुल आबादी का 14.27 प्रतिशत है. राज्य में जनसंख्या के मामले में यह समुदाय सबसे अधिक है.

 

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