Kangana Ranaut on CJP Protest: ‘एक पल को लगा हमला कर देंगे’, संसद मार्च पर कंगना रनौत का बयान
Sandesh Wahak Digital Desk: संसद के मानसून सत्र के दौरान जंतर-मंतर से संसद की ओर निकाले गए CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) के विरोध मार्च पर भाजपा सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत ने प्रतिक्रिया दी है।
उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के दौरान संसद परिसर के अंदर मौजूद सांसदों में कुछ समय के लिए चिंता का माहौल बन गया था और उन्हें लगा था कि प्रदर्शनकारी हमला कर सकते हैं।
हालांकि, उन्होंने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि पुलिस ने स्थिति को संभाला और किसी को नुकसान नहीं होने दिया।
मीडिया से बातचीत में कंगना रनौत ने कहा कि जब प्रदर्शनकारी संसद के बाहर पहुंचे, उस समय सभी सांसद सदन के भीतर मौजूद थे।
उनके मुताबिक, सुरक्षा कारणों से संसद के गेट बंद कर दिए गए थे और सांसदों की आवाजाही भी कुछ समय के लिए प्रभावित हुई।
कंगना ने कहा, “एक पल के लिए हमें लगा कि प्रदर्शनकारी हमला कर सकते हैं। लेकिन दिल्ली पुलिस हमारे और प्रदर्शनकारियों के बीच ढाल बनकर खड़ी रही। पुलिसकर्मियों ने चोटें भी झेलीं, लेकिन किसी सांसद को नुकसान नहीं होने दिया।”
PM मोदी के मार्गदर्शन का किया जिक्र
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हुई एनडीए संसदीय दल की बैठक पर पूछे गए सवाल के जवाब में कंगना रनौत ने कहा कि प्रधानमंत्री ने सांसदों को युवाओं की आकांक्षाओं, शिक्षा और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया।
उन्होंने कहा कि बैठक में NEET परीक्षा से जुड़े मुद्दों और व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने को लेकर भी चर्चा हुई।
क्या है पूरा मामला?
NEET पेपर लीक, परीक्षा प्रणाली में कथित गड़बड़ियों और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर CJP और विभिन्न छात्र संगठनों ने पिछले कई दिनों से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया हुआ है।
20 जुलाई को बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी संसद की ओर मार्च करने निकले थे।
मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव की स्थिति बनी। पुलिस ने भीड़ को रोकने के लिए बल प्रयोग किया, जिसमें प्रदर्शनकारियों और कुछ पुलिसकर्मियों के घायल होने की खबरें सामने आईं।
आंदोलन जारी रखने का दावा
CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके का कहना है कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते और छात्रों की मांगों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक जंतर-मंतर पर आंदोलन जारी रहेगा।
वहीं, इस पूरे घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है।

