लखनऊ के कसमंडी विवादित ढांचे पर जलाभिषेक को निकला हिंदू संगठन, पुलिस ने रास्ते में रोका

Lucknow News: लखनऊ के मलिहाबाद स्थित कसमंडी विवादित ढांचा सोमवार को एक बार फिर चर्चा का केंद्र बन गया। सावन के पहले सोमवार पर जलाभिषेक करने निकले हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं को पुलिस ने विवादित स्थल से पहले ही रोक दिया। इसके बाद मौके पर कुछ देर तक हंगामा और धरना चला। स्थिति को देखते हुए क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया।

जलाभिषेक की घोषणा के बाद पुलिस ने की बैरिकेडिंग

लाखन आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज पासी ने पहले ही सावन में विवादित ढांचे पर जलाभिषेक करने की घोषणा की थी। संगठन ने इसके लिए जिला प्रशासन से अनुमति भी मांगी थी, लेकिन अनुमति नहीं मिली। इसके बावजूद बड़ी संख्या में समर्थक 108 गांवों से पवित्र मिट्टी एकत्र कर जलाभिषेक के लिए आगे बढ़े। पुलिस ने विवादित स्थल की ओर जाने वाले सभी रास्तों पर बैरिकेडिंग कर दी और करीब 200 मीटर पहले ही कार्यकर्ताओं को रोक लिया।

पुलिस की कार्रवाई से नाराज सूरज पासी समर्थकों के साथ धरने पर बैठ गए। अधिकारियों के समझाने के बावजूद उन्होंने बैरिकेडिंग के सामने ही सांकेतिक जलाभिषेक किया। इसके बाद सभी समर्थक शांतिपूर्वक लौट गए।

पहले भी उठ चुका है विवाद

कसमंडी विवादित ढांचा 21 मई को उस समय चर्चा में आया था, जब हिंदू संगठनों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर दावा किया था कि इमारत पर प्राचीन हिंदू कलाकृतियों के निशान मौजूद हैं। संगठनों ने कार्बन डेटिंग कराने की मांग भी की थी। इसके बाद वहां नमाज पर रोक लगा दी गई थी।

27 मई को भी अखिल भारत हिंदू महासभा, भारतीय किसान मंच गोसेवा परिषद समेत कई संगठनों ने विवादित स्थल पर हनुमान चालीसा पढ़ने की कोशिश की थी। उस समय भी पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोक दिया था। संगठन का दावा है कि यह स्थल राजा कंसा के किले का शिव मंदिर है, जबकि प्रशासन की ओर से मामले पर जांच और सुरक्षा व्यवस्था जारी है।

 

Also Read: आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए बड़ा ऐलान, 2 हफ्ते में तय होगा न्यूनतम मानदेय, बोले CM योगी 

Get real time updates directly on you device, subscribe now.