यूपी में बूंदाबांदी से बढ़ी ठंड, धान की फसल पर मंडराया नुकसान का खतरा

Lucknow News: लखनऊ के मलिहाबाद इलाके में शुक्रवार दोपहर बाद मौसम ने अचानक करवट ले ली। आसमान में बादल छाने के साथ लगातार हो रही बूंदाबांदी से ठंड का अहसास बढ़ गया है। मौसम में बदलाव के बाद ग्रामीणों ने गर्म कपड़े निकालने शुरू कर दिए हैं। लोग स्वेटर पहनकर घरों से बाहर निकल रहे हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि बेमौसम बारिश के कारण सर्दी, जुकाम, खांसी और बुखार जैसी बीमारियां बढ़ सकती हैं। वहीं, लगातार हो रही बूंदाबांदी ने किसानों की चिंता भी बढ़ा दी है।

खेतों में खड़ी और कटी धान की फसल भीगने से नुकसान की आशंका

मलिहाबाद के किसानों के मुताबिक, खेतों में धान की पकी फसल अभी खड़ी है। कई किसानों ने फसल की कटाई कर ली है, लेकिन धान खेतों में ही पड़ा हुआ है। शुक्रवार दोपहर से हो रही बूंदाबांदी के कारण खड़ी और कटी हुई दोनों तरह की फसल भीग रही है।

किसानों को डर है कि अगर बारिश तेज हुई तो खेतों में कटी पड़ी धान की फसल पानी में डूब सकती है। इससे धान के दाने फूलकर खराब हो जाएंगे और उपज पूरी तरह बर्बाद हो सकती है। किसानों का कहना है कि तेज बारिश से उनकी मेहनत पर पानी फिर सकता है।

31 अक्टूबर तक बारिश का अनुमान 

मौसम विभाग ने 28 अक्टूबर को ही 29 से 31 अक्टूबर तक बारिश होने का अनुमान जताया था। ऐसे में अगर शनिवार को भी बारिश जारी रहती है तो ठंड बढ़ने के साथ धान की फसल को भारी नुकसान हो सकता है।

मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, तेज हवाओं के साथ बारिश होने की भी आशंका है। किसानों की चिंता है कि अगर तेज हवा और बारिश एक साथ हुई तो खेतों में खड़ी पकी धान की फसल जमीन पर गिर जाएगी। इससे फसल पूरी तरह चौपट हो सकती है और किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो सकता है।

Also Read: लखनऊ में लगे ‘चचा हैं तो सपा है’ के पोस्टर, शिवपाल की तस्वीर के साथ अखिलेश गायब, उठे सियासी सवाल 

 

रिपोर्ट :- सुरेन्द्र कुमार

Get real time updates directly on you device, subscribe now.