ISI हैंडलरों तक सेना की जानकारी पहुंचाने वाले को 4 साल की सजा, लखनऊ NIA कोर्ट का फैसला
Lucknow News: लखनऊ की विशेष एनआईए कोर्ट ने भारतीय सेना से जुड़ी गोपनीय और संवेदनशील जानकारियां पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के हैंडलरों तक पहुंचाने के मामले में दोषी वसीउल्लाह खान को चार वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश (एनआईए) एवं अपर सत्र न्यायाधीश उमाकांत जिंदल ने आरोपी को भारतीय दंड संहिता की धारा 121A, 120B और UAPA की धारा 13 के तहत दोषी ठहराया।
अदालत ने सभी सजाएं एक साथ चलाने का आदेश दिया है। साथ ही 21 नवंबर 2023 से न्यायिक हिरासत में बिताई गई अवधि को सजा में समायोजित करने के निर्देश दिए गए।
ATS की जांच में सामने आया पूरा मामला
अदालत के अनुसार, वर्ष 2023 में उत्तर प्रदेश एटीएस को सूचना मिली थी कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के जरिए भारतीय नागरिकों को धन का लालच देकर सेना से जुड़ी गोपनीय सूचनाएं हासिल करने की कोशिश कर रही है। जांच के दौरान कासगंज निवासी शैलेश कुमार उर्फ शैलेन्द्र सिंह चौहान के मोबाइल और सोशल मीडिया अकाउंट से मिले डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर नेटवर्क का खुलासा हुआ। इसके बाद वसीउल्लाह खान की भूमिका सामने आने पर उसके खिलाफ पूरक आरोपपत्र दाखिल किया गया।
कोर्ट ने अपराध को बताया गंभीर
अभियोजन पक्ष ने अदालत में कहा कि आरोपी ने देश की सुरक्षा, संप्रभुता और अखंडता को प्रभावित करने वाली गतिविधियों में भूमिका निभाई, इसलिए उसे कड़ी सजा दी जानी चाहिए। वहीं बचाव पक्ष ने उसकी आर्थिक स्थिति और परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य होने का हवाला देकर नरमी की मांग की।
अदालत ने अपने आदेश में उल्लेख किया कि आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार किया है। करीब दो वर्ष तीन महीने चली सुनवाई के बाद कोर्ट ने उसे दोषी मानते हुए चार वर्ष के कठोर कारावास और विभिन्न धाराओं के तहत कुल 8 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। जुर्माना जमा नहीं करने पर अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा।
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