पंचायत सहायकों का मानदेय 30 हजार करने की मांग, संजय सिंह ने धरने को दिया समर्थन
Panchayat Sahayak Protest: लखनऊ के ईको गार्डन में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे पंचायत सहायक कर्मचारियों को सोमवार को आम आदमी पार्टी का समर्थन मिला। पार्टी के प्रदेश प्रभारी और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने धरनास्थल पहुंचकर कर्मचारियों की मांगों का समर्थन किया। उन्होंने पंचायत सहायकों का मासिक मानदेय 6 हजार से बढ़ाकर 30 हजार रुपये करने की मांग की।
संजय सिंह ने कहा कि पंचायत सहायक गांवों में 29 विभागों के कामकाज की अहम कड़ी हैं। इसके बावजूद उन्हें बेहद कम मानदेय दिया जा रहा है। उन्होंने इसे सरकार की संवेदनहीनता और युवाओं का शोषण बताया।
सरकार के रोजगार दावों पर हमला
आप सांसद ने कहा कि जनप्रतिनिधियों को लाखों रुपये वेतन-भत्ते, इलाज और दूसरी सुविधाएं मिलती हैं, लेकिन पंचायत सहायकों को 6 हजार रुपये भी समय पर नहीं मिलते। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यदि यह रकम पर्याप्त है तो मंत्री, विधायक और अधिकारी अपने बच्चों को इसी मानदेय पर नौकरी कराकर दिखाएं।
संजय सिंह ने केंद्र और प्रदेश सरकार के रोजगार संबंधी दावों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बड़े उद्योगपतियों के लिए खजाना खोल रही है, जबकि युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सीमित हो रहे हैं।
संसद में उठेगा मानदेय का मुद्दा
संजय सिंह ने आरोप लगाया कि आंदोलनरत कर्मचारियों पर दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने पंचायत सहायकों से शांतिपूर्ण और संगठित संघर्ष जारी रखने की अपील की। साथ ही भरोसा दिया कि संसद का अगला सत्र शुरू होते ही मानदेय और अधिकारों का मुद्दा राज्यसभा में उठाया जाएगा।
इस मौके पर विनय पटेल, सभाजीत सिंह, दिनेश सिंह पटेल, मनोज मिश्रा, वैभव प्रकाश और इरम रिजवी समेत कई पदाधिकारी मौजूद रहे।

