अखिलेश यादव को हिरासत में लिए जाने पर लखनऊ में सियासी पारा चढ़ा, समर्थन में सपा दफ्तर पर लगे होर्डिंग्स
Lucknow News: दिल्ली में 7 लोक कल्याण मार्ग स्थित प्रधानमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन के दौरान समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को हिरासत में लिए जाने के बाद बुधवार को राजधानी लखनऊ में राजनीतिक हलचल तेज हो गई। घटना के विरोध में लखनऊ स्थित सपा प्रदेश कार्यालय के बाहर पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं ने अखिलेश यादव तथा सांसद डिंपल यादव के समर्थन में बड़े-बड़े पोस्टर व होर्डिंग्स लगा दिए हैं। सुबह से ही पार्टी मुख्यालय पर समर्थकों का जमावड़ा लगा रहा और पूरा परिसर समर्थन के नारों व पोस्टरों से पट गया।

लोकतंत्र पर हमला बताकर पोस्टर वार
सपा कार्यकर्ताओं ने कार्यालय के बाहर पोस्टर अभियान चलाकर अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष के प्रति एकजुटता और शक्ति प्रदर्शन दिखाया। इन पोस्टरों के जरिए संदेश दिया गया है कि विपक्ष की आवाज दबाने की हर कोशिश का लोकतांत्रिक तरीके से करारा जवाब दिया जाएगा। पार्टी नेताओं का कहना है कि दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे शीर्ष नेताओं के साथ पुलिस की यह बर्बर कार्रवाई लोकतांत्रिक परंपराओं के सरासर खिलाफ है, जिसे पार्टी कतई बर्दाश्त नहीं करेगी।
"डिंपल यादव की संवेदनाएं पोस्टरों में उतर आई हैं.. दिल्ली में युवाओं का साथ और संघर्ष यूपी के लिए संजीवनी बनेगा!!"
समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने देशभर के युवाओं का दिल जीत लिया है..
डिंपल यादव का मानवीय और संवेदनशील चेहरा युवाओं के एक बड़े वर्ग में पार्टी के लिए नया… pic.twitter.com/gYrmnoXu8Y— Vivek K. Tripathi (@meevkt) July 22, 2026
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर उग्र हुआ था प्रदर्शन
गौरतलब है कि मंगलवार को अखिलेश यादव, कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा समेत विपक्ष के कई बड़े दिग्गज 7 लोक कल्याण मार्ग पर प्रदर्शन करने पहुंचे थे। यह प्रदर्शन संसद मार्च के दौरान छात्रों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज और NEET-UG 2026 परीक्षा के कथित पेपर लीक मामले को लेकर किया जा रहा था। विपक्षी नेताओं की मांग थी कि परीक्षा धांधली की निष्पक्ष जांच कराई जाए और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तुरंत अपने पद से इस्तीफा दें। इसी दौरान दिल्ली पुलिस ने अखिलेश यादव समेत तमाम विपक्षी नेताओं को हिरासत में ले लिया था।
दिल्ली की इस घटना की गूंज अब उत्तर प्रदेश की सियासत में साफ सुनाई दे रही है। समाजवादी पार्टी के पदाधिकारियों का कहना है कि सरकार लाखों युवाओं और छात्रों के भविष्य से जुड़े संवेदनशील मुद्दे से ध्यान भटकाने के लिए विपक्ष के नेताओं पर दमनकारी नीति अपना रही है। लखनऊ में सपा मुख्यालय के बाहर लगे ये पोस्टर और बढ़ता विरोध प्रदर्शन इस बात का संकेत हैं कि आने वाले दिनों में उत्तर प्रदेश में इस मुद्दे को लेकर तीखा सियासी संग्राम छिड़ने वाला है।
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