राहुल गांधी के ‘ब्रिटिश नागरिक’ होने का दावा कोर्ट में फेल, इलाहाबाद HC ने याचिका की खारिज
Lucknow News: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच से राहत मिली है। अदालत ने उनकी भारतीय नागरिकता (Indian Citizenship) रद्द करने और रायबरेली से लोकसभा सदस्यता को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी।
याचिका में दावा किया गया था कि राहुल गांधी के पास ब्रिटिश नागरिकता (British Citizenship) है और इसके समर्थन में ब्रिटेन की कंपनी Backops Limited से जुड़े दस्तावेजों का हवाला दिया गया था। हालांकि, कोर्ट ने पाया कि याचिकाकर्ता अपने आरोप के समर्थन में ऐसा कोई ठोस दस्तावेज पेश नहीं कर सका, जिससे राहुल गांधी के ब्रिटिश नागरिक होने की पुष्टि हो।
कोर्ट ने दस्तावेजों पर क्या कहा?
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने दावा किया कि राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने 2003 में ब्रिटेन में M/s Backops Limited बनाई थी और खुद को कंपनी का डायरेक्टर, मुख्य शेयरधारक और ब्रिटिश नागरिक बताया था।
अदालत ने कहा कि दावे गंभीर और दूरगामी असर वाले हो सकते हैं, लेकिन रिकॉर्ड पर ऐसा कोई दस्तावेज नहीं है जो कंपनी के गठन, ब्रिटेन के रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज के रिकॉर्ड या राहुल गांधी द्वारा खुद को ब्रिटिश नागरिक घोषित किए जाने की पुष्टि करता हो।
याचिकाकर्ता ने कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी के एक कथित कन्फर्मेशन लेटर को भी आधार बनाया था, जिसमें ‘राउल विंची’ की पढ़ाई से संबंधित जानकारी थी। कोर्ट ने साफ कहा कि यह दस्तावेज याचिका में लगाए गए आरोपों को साबित नहीं करता।
नागरिकता का एक और मामला दूसरी बेंच में लंबित
कोर्ट ने शुरुआत में इस याचिका की सुनवाई को लेकर इसलिए भी संशय जताया था क्योंकि Rahul Gandhi की नागरिकता (Citizenship) से जुड़ा मामला केंद्र सरकार के पास पहले से लंबित है। हालांकि, याचिकाकर्ता के आग्रह पर बेंच ने सुनवाई की और पेश किए गए दस्तावेजों की जांच की।
अंततः कोर्ट ने याचिकाकर्ता को मौजूदा रिट याचिका वापस लेने की अनुमति दी और उसे वापस ली गई मानते हुए खारिज कर दिया। राहुल गांधी की कथित ब्रिटिश नागरिकता से जुड़ी एक अलग याचिका अभी हाईकोर्ट की दूसरी बेंच के समक्ष लंबित है।
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