राज्यसभा से भी पास हुआ Anti Paper Leak Bill, विपक्ष के वॉकआउट के बीच मिली मंजूरी

Anti Paper Leak Bill: लोकसभा के बाद गुरुवार को एंटी पेपर लीक बिल राज्यसभा से भी ध्वनिमत से पारित हो गया। करीब सात घंटे चली चर्चा के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने सरकार की ओर से जवाब दिया और विपक्ष के सवालों का सिलसिलेवार जवाब रखा।

हालांकि, सरकार के जवाब से पहले विपक्ष ने गृह मंत्री की गैरमौजूदगी का मुद्दा उठाते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया। अब राष्ट्रपति की मंजूरी और अधिसूचना जारी होने के बाद यह विधेयक कानून का रूप ले लेगा।

बहस के दौरान सरकार ने इस विधेयक को भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और नकल माफिया पर सख्त कार्रवाई की दिशा में बड़ा कदम बताया, जबकि विपक्ष का आरोप रहा कि सरकार पेपर लीक की असली वजहों पर कार्रवाई करने के बजाय सिर्फ सजा का प्रावधान बढ़ा रही है।

सरकार ने विपक्ष के आरोपों का दिया जवाब

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि इस कानून (Anti Paper Leak Bill) को केवल ‘पेपर लीक बिल’ कहना सही नहीं होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसका नाम ‘प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स (PUM)’ है और इसका दायरा सिर्फ राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) तक सीमित नहीं है।

उन्होंने कहा कि UPSC, SSC, बैंकिंग समेत कई केंद्रीय भर्ती परीक्षाएं भी इस कानून के दायरे में आएंगी। सरकार ने साइबर सुरक्षा मजबूत करने, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने और राधाकृष्णन समिति की अधिकांश सिफारिशें लागू करने का भी दावा किया।

जितेंद्र सिंह ने विपक्ष के उस दावे पर भी सवाल उठाया, जिसमें 152 पेपर लीक की घटनाओं का जिक्र किया गया था। उन्होंने कहा कि इस आंकड़े की पुष्टि नहीं की गई और अधिकांश पेपर लीक की घटनाएं राज्य स्तर की परीक्षाओं से जुड़ी रही हैं।

विपक्ष बोला- समस्या की जड़ पर नहीं हो रहा वार

चर्चा के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह और आरजेडी सांसद मनोज कुमार झा समेत कई विपक्षी नेताओं ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाए।

विपक्ष का कहना था कि कानून में दोषियों के लिए सख्त सजा का प्रावधान तो है, लेकिन परीक्षा प्रणाली में सुधार और पेपर लीक रोकने की व्यवस्था को लेकर ठोस समाधान नहीं दिखता।

मनोज कुमार झा ने इसे “कॉस्मेटिक रिफॉर्म” बताते हुए कहा कि जब तक समस्या की जड़ पर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक ऐसे कानून पर्याप्त साबित नहीं होंगे।

गृह मंत्री की गैरमौजूदगी पर विपक्ष का वॉकआउट

सरकार के जवाब से पहले राज्यसभा में विपक्ष के उपनेता प्रमोद तिवारी ने कहा कि पूरे दिन जिन मुद्दों पर चर्चा हुई, उन पर गृह मंत्री को सदन में मौजूद रहना चाहिए था। इसके बाद विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी करते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया।

इस पर सदन के नेता जेपी नड्डा ने विपक्ष के रवैये की आलोचना करते हुए कहा कि सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार रही, लेकिन जवाब सुनने से पहले सदन छोड़ देना गैरजिम्मेदाराना व्यवहार है।

अब दोनों सदनों से पारित होने के बाद यह विधेयक राष्ट्रपति के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। राष्ट्रपति की स्वीकृति और राजपत्र अधिसूचना जारी होते ही यह देशभर में लागू Anti Paper Leak Bill बन जाएगा।

Also Read: ‘गोमूत्र एक्सपर्ट’ टिप्पणी पर घिरीं प्रियंका गांधी, 215+ VC-पूर्व कुलपतियों ने लिखा खुला पत्र

Get real time updates directly on you device, subscribe now.