‘आज जो मस्जिदें शहीद की जा रहीं, वहां फिर गूंजेगा अल्लाहू अकबर’, मौलाना अरशद मदनी का बयान

Maulana Arshad Madani Statement: मौलाना सैयद अरशद मदनी ने मस्जिदों को लेकर ऐसा बयान दिया है, जिस पर चर्चा हो रही है। उन्होंने कहा कि आज जिन मस्जिदों को शहीद किया जा रहा है, वे एक दिन फिर आबाद होंगी और वहां दोबारा ‘अल्लाहू अकबर’ की सदाएं गूंजेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि आज सत्ता में बैठे लोग कल नहीं रहेंगे, क्योंकि सरकारें आती-जाती रहती हैं।

मदनी ने यह बातें सहारनपुर के दारुल उलूम देवबंद (Darul Uloom Deoband) परिसर में आयोजित राब्ता-ए-मदारिस इस्लामिया के सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहीं। उन्होंने देश में कथित तौर पर बढ़ती सांप्रदायिकता और मस्जिदों, मदरसों व अन्य धार्मिक संस्थानों को निशाना बनाए जाने पर चिंता जताई।

‘इस्लाम को मिटाने में कोई ताकत कामयाब नहीं होगी’

मदनी (Maulana Arshad Madani) ने आरोप लगाया कि मौजूदा दौर में मुसलमानों के धर्म, संस्कृति, पहचान और धार्मिक संस्थानों को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जो लोग मस्जिदों को गिराकर इस्लाम की पहचान मिटाने का सपना देख रहे हैं, उन्हें समझना चाहिए कि कोई भी ताकत इस्लाम को खत्म नहीं कर सकी है और न ही भविष्य में ऐसा कर पाएगी।

सम्मेलन में देशभर के करीब पांच हजार मदरसों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। मदनी ने पूर्व सोवियत संघ का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां लंबे समय तक धार्मिक गतिविधियों और इस्लाम के प्रतीकों को दबाने की कोशिश हुई, लेकिन मुसलमानों के दिलों से उनका ईमान खत्म नहीं किया जा सका। उनके मुताबिक, सोवियत संघ के विघटन के बाद उससे आजाद हुए कई देशों में फिर मस्जिदें आबाद हुईं और अजान की आवाज सुनाई देने लगी।

बच्चों की परवरिश और शिक्षा पर भी दिया जोर

मदनी ने कहा कि उनका धार्मिक विश्वास है कि जहां एक बार मस्जिद बन जाती है, वहां इमारत गिरा दिए जाने के बावजूद उसकी मजहबी हैसियत खत्म नहीं होती। उन्होंने मुसलमानों से निराश होने के बजाय सब्र और हौसले के साथ आगे बढ़ने की अपील की।

Maulana Arshad Madani ने मदरसों की भूमिका का बचाव करते हुए कहा कि इन संस्थानों ने देश की आजादी, राष्ट्रीय एकता और सामाजिक सुधार में योगदान दिया है। साथ ही, उन्होंने माता-पिता से बच्चों की धार्मिक और नैतिक शिक्षा पर ध्यान देने को कहा। मदनी ने मदरसों से भी विद्यार्थियों के चरित्र निर्माण और वैचारिक प्रशिक्षण को मजबूत करने की अपील की।

Also Read: ‘किताब आएगी तो तमाशा होगा ही, अब मेरी बारी है’, ऑटोबायोग्राफी से पहले सोनिया गांधी ने तोड़ी चुप्पी

Get real time updates directly on you device, subscribe now.