TMC ने मुसलमानों के लिए कुछ नहीं किया, ममता ने दिया BJP को बढ़ावा: असदुद्दीन ओवैसी
Sandesh Wahak Digital Desk: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी तेज होती जा रही है। इसी बीच असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) ने हुमायूं कबीर की पार्टी AJUP के साथ मिलकर चुनाव लड़ने के ऐलान के बाद ममता बनर्जी पर निशाना साधा है। ओवैसी ने ममता पर BJP को बढ़ावा देने और मुसलमानो को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया है।
हुमायूं कबीर के साथ साझा किया मंच
इस मौके पर हुमायूं कबीर ने भी गठबंधन की पुष्टि करते हुए कहा कि AJUP और AIMIM मिलकर आगामी चुनाव में उतरेंगे। उन्होंने बताया कि जल्द ही उम्मीदवारों की सूची जारी की जाएगी। हुमायूं कबीर, जिन्हें मुर्शिदाबाद में प्रस्तावित बाबरी-शैली की मस्जिद को लेकर विवाद के बाद TMC से निलंबित किया गया था, अब अपनी अलग राजनीतिक राह पर हैं और उन्होंने ‘आम जनता उन्नयन पार्टी’ का गठन किया है।
गठबंधन के तहत चुनावी अभियान की शुरुआत मुर्शिदाबाद से होगी। हुमायूं कबीर ने जानकारी दी कि ओवैसी कम से कम 20 रैलियां करेंगे, जिनमें एक बड़ी रैली कोलकाता में भी होगी। पहली रैली 1 अप्रैल को बहरामपुर में प्रस्तावित है। ओवैसी ने कहा कि वे हुमायूं कबीर के नामांकन के दौरान भी मौजूद रहेंगे, जिससे गठबंधन की एकजुटता का संदेश दिया जा सके।
बाबरी मस्जिद का जिक्र
ओवैसी ने अपने संबोधन में कहा कि उनका मुख्य एजेंडा मुस्लिम सशक्तिकरण है। उन्होंने कहा कि कुरान के अनुसार हर मुसलमान का फर्ज है कि वह मस्जिदों का निर्माण और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करे। उन्होंने बाबरी मस्जिद से जुड़े फैसले को आस्था पर आधारित बताया और इसे अपने राजनीतिक विमर्श का हिस्सा बनाया।
ओवैसी ने पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि मुसलमानों के वोट लेकर भी उनके लिए ठोस काम नहीं किया गया। उन्होंने दावा किया कि राज्य में केवल 7 प्रतिशत मुसलमान ही सरकारी नौकरियों में हैं। साथ ही मालदा और मुर्शिदाबाद में पानी की समस्या का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि केवल धार्मिक गतिविधियों से भूख और गरीबी की समस्या का समाधान नहीं हो सकता और समुदाय के साथ शोषण हुआ है।
“BJP के बढ़ने में ममता जिम्मेदार”
ओवैसी ने यह भी आरोप लगाया कि ममता बनर्जी की राजनीति ने ही पश्चिम बंगाल में बीजेपी को मजबूत होने का मौका दिया है। उनका कहना है कि राज्य की जनता अब विकल्प की तलाश में है और उनका गठबंधन उसी विकल्प को पेश करेगा।
ओवैसी ने साफ किया कि उनका गठबंधन सिर्फ चुनाव लड़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि मुख्यमंत्री पद के लिए भी दावेदारी करेगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कौन बनेगा, यह उनका गठबंधन तय करेगा। वहीं हुमायूं कबीर ने दावा किया कि यह गठबंधन 182 सीटों पर चुनाव लड़ेगा और अगर राज्य में खंडित जनादेश आता है, तो सरकार बनाने में उनकी भूमिका निर्णायक हो सकती है।
वोटिंग की तारीखें और चुनावी परिदृश्य
294 सदस्यीय पश्चिम बंगाल विधानसभा के लिए 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में मतदान होगा, जबकि मतगणना 4 मई को की जाएगी। ऐसे में AIMIM और AJUP का यह नया गठबंधन राज्य की राजनीति में एक नया समीकरण बनाता नजर आ रहा है, जो चुनावी मुकाबले को और दिलचस्प बना सकता है।
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