UP में अब निजी डेवलपर्स बनाएंगे बिजनेस पार्क, जमीन पर 45 साल की लीज समेत कई छूट
UP News: उत्तर प्रदेश में निजी डेवलपर्स के लिए बिजनेस पार्क विकसित करने का रास्ता साफ हो गया है। योगी आदित्यनाथ सरकार ने औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए निजी बिजनेस पार्क विकास योजना को मंजूरी दी है। इसके तहत बिजनेस कंसोर्टियम, आरईआईटी और सूचीबद्ध कंपनियां पार्क विकसित कर सकेंगी।
डेवलपर्स को जमीन 45 साल की लीज पर दी जाएगी। इसे आगे 45 साल के लिए बढ़ाया जा सकेगा। सरकार के मुताबिक, दूसरे राज्यों में लीज की अवधि करीब 30 से 35 साल है। योजना में शामिल कंपनी की नेटवर्थ कम से कम 1000 करोड़ रुपये और पिछले तीन वित्तीय वर्षों का औसत सालाना टर्नओवर कम से कम 500 करोड़ रुपये होना चाहिए। रियल एस्टेट और कॉमर्शियल बिजनेस में कम से कम सात साल का अनुभव भी जरूरी है।
50 फीसदी हिस्सा IT और नॉलेज सेक्टर के लिए
बिजनेस पार्क कम से कम 10 एकड़ में बनेगा और इसे 20 से 30 एकड़ तक बढ़ाया जा सकेगा। 10 एकड़ का पार्क तीन साल में विकसित करना होगा। पार्क की 50 फीसदी जमीन आईटी, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर और नॉलेज आधारित सेवाओं के लिए रखनी होगी।
अधिकतम 10 फीसदी हिस्से में फूड कोर्ट, रिटेल आउटलेट और अन्य सुविधाएं होंगी। बाकी क्षेत्र में प्रशिक्षण और कौशल विकास केंद्र बनाए जाएंगे। न्यूनतम अग्रिम भूमि प्रीमियम 5 फीसदी और राजस्व हिस्सेदारी 7 फीसदी होगी।
नीलामी से मिलेगी जमीन, स्टांप ड्यूटी में छूट
राज्य सरकार उपयुक्त फ्रीहोल्ड जमीन चिह्नित कर नीलामी के जरिए निजी डेवलपर्स को देगी। अनुमोदन के लिए सिंगल विंडो सिस्टम होगा। जमीन के रजिस्ट्रेशन पर 100 फीसदी स्टांप ड्यूटी छूट मिलेगी। डेवलपर को सभी जरूरी एनओसी और परमिट लेने होंगे। जानकारों के मुताबिक, इससे युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास के नए अवसर बन सकते हैं।
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