अमेरिकी सेना ने ईरानी तेल टैंकर को किया निष्क्रिय, होर्मुज जलडमरूमध्य में नाकाबंदी सख्त

Sandesh Wahak Digital Desk: ईरान और अमेरिका के बीच एक तरफ युद्ध विराम के लिए कूटनीतिक प्रयास तेज हो गए हैं, तो वहीं दूसरी तरफ युद्ध के मैदान में हमले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, ओमान की खाड़ी में अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र से ईरानी बंदरगाह की ओर जा रहे एक ईरानी तेल टैंकर ‘हस्ना’ को अमेरिकी नौसेना ने हमला करके निष्क्रिय कर दिया है।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बयान जारी कर बताया कि यह कार्रवाई बुधवार सुबह (अमेरिकी समयानुसार) की गई। बयान के मुताबिक, टैंकर के चालक दल ने बार-बार दी गई चेतावनियों को अनसुना कर दिया था। इसके बाद विमान वाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन से उड़ान भरने वाले एफ/ए-18 सुपर हॉर्नेट विमानों ने टैंकर के रडर पर 20एमएम कैनन गन से कई राउंड फायर किए, जिससे जहाज बीच समंदर में ही रुक गया। कमांड ने स्पष्ट किया कि ईरानी बंदरगाहों के लिए अमेरिका की पूर्ण नाकाबंदी प्रभावी ढंग से लागू है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर ईरान की सैन्य स्थिति को लेकर सनसनीखेज दावे किए हैं। ट्रंप के अनुसार, ईरान की 159 जहाजों वाली नौसेना पूरी तरह नष्ट हो चुकी है। उन्होंने दावा किया कि ईरान के पास अब कोई विमान नहीं बचा है और उनके रडार व मिसाइल भंडार ज्यादातर खत्म हो गए हैं। ट्रंप ने कहा कि पिछले 24 घंटों में अच्छी बातचीत हुई है, लेकिन यदि ईरान समझौते के लिए राजी नहीं हुआ, तो भीषण बमबारी फिर से शुरू कर दी जाएगी।

तेहरान की सड़कों पर विरोध और समर्थन

एक ओर समझौते के लिए छोटे मेमोरेंडम पर चर्चा चल रही है, वहीं दूसरी ओर ईरान की जनता सड़कों पर है। बुधवार रात तेहरान में बड़ी रैली हुई, जिसमें लोगों ने नेतृत्व के समर्थन में नारे लगाए और पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की तस्वीरें लहराईं। रैली में शामिल लोगों ने अमेरिका को कड़ी चुनौती देते हुए कहा कि जब तक उनके नेता नहीं कहेंगे, वे डटे रहेंगे। स्थानीय लोगों का मानना है कि ईरान खुद एक सुपरपावर है और अमेरिका अब और हमले करने की हिम्मत नहीं जुटा पाएगा।

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