KGMU के दीक्षांत समारोह में 1707 विद्यार्थियों का सम्मान, राज्यपाल और राजनाथ सिंह ने दिया बड़ा संदेश
Lucknow KGMU Convocation: किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (KGMU) के 22वें दीक्षांत समारोह में सोमवार को 1707 विद्यार्थियों को विभिन्न डिग्रियां प्रदान की गईं। शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए 20 मेधावी छात्रों को कुल 54 पदकों से सम्मानित किया गया। समारोह में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और चिकित्सा शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
समारोह के दौरान हरदोई के 400 आंगनबाड़ी केंद्रों को किटें वितरित की गईं। साथ ही पुलिसकर्मियों की बेटियों सहित 200 बालिकाओं का एचपीवी (HPV) टीकाकरण भी कराया गया। उत्कृष्ट शिक्षकों को फैकल्टी अवॉर्ड, एचपीवी अभियान से जुड़े अधिकारियों को प्रशस्ति-पत्र और विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए गए गांवों के विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया गया।
राजनाथ सिंह बोले- डॉक्टर के हाथ में सिर्फ डिग्री नहीं, जिंदगी की जिम्मेदारी
मुख्य अतिथि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि डॉक्टरों के हाथ में केवल डिग्री नहीं, बल्कि लोगों के जीवन की रक्षा की जिम्मेदारी होती है। उन्होंने कहा कि बीमारी के समय मरीज अपने परिवार के बाद सबसे अधिक भरोसा डॉक्टर पर करता है, इसलिए हर चिकित्सक को सेवा-भाव, संवेदनशीलता और मानवीय व्यवहार को अपनी सबसे बड़ी पहचान बनाना चाहिए।

उन्होंने युवा चिकित्सकों से अनुसंधान को बढ़ावा देने, योग और ध्यान के प्रति लोगों को जागरूक करने तथा अंगदान जैसे सामाजिक अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील भी की।
राज्यपाल ने ग्रामीण सेवा और शोध पर दिया जोर
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि चिकित्सा केवल रोजगार नहीं, बल्कि सेवा, संवेदना और समर्पण का माध्यम है। उन्होंने कहा कि डॉक्टर का सकारात्मक व्यवहार कई बार दवा से भी अधिक असर करता है।
उन्होंने युवा डॉक्टरों से कम से कम तीन वर्ष ग्रामीण क्षेत्रों में सेवाएं देने, लगातार अध्ययन और शोध से जुड़े रहने तथा नवाचार अपनाने का आह्वान किया। साथ ही विश्वविद्यालय प्रशासन को सभी डिग्रियां और अंकपत्र डिजिलॉकर पर उपलब्ध कराने और विद्यार्थियों को इसके उपयोग के लिए जागरूक करने के निर्देश दिए।
राज्यपाल ने बताया कि प्रदेश में सीएसआर सहयोग से 64,743 आंगनबाड़ी केंद्रों को सुविधासंपन्न बनाया जा चुका है और अब तक 1.62 लाख से अधिक एचपीवी वैक्सीन की डोज दी जा चुकी हैं। उन्होंने KGMU को NAAC में A+ ग्रेड, NIRF मेडिकल रैंकिंग में आठवां और डेंटल श्रेणी में सातवां स्थान मिलने पर बधाई भी दी।
स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा की उपलब्धियां भी रहीं चर्चा में
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने चिकित्सा शिक्षा में पारदर्शिता और गुणवत्ता की सराहना करते हुए डॉक्टरों से मरीज को भगवान का स्वरूप मानकर सेवा करने की अपील की। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह ने KGMU की विकास यात्रा और स्वास्थ्य सेवाओं में उसके योगदान को रेखांकित किया।
कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद ने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक, अनुसंधान और स्वास्थ्य सेवाओं की प्रमुख उपलब्धियां प्रस्तुत कीं। समारोह में परिसर की स्वच्छता, सुरक्षा, छात्रावास सुविधाओं, पौष्टिक भोजन, स्ट्रेचर व्यवस्था और निर्माणाधीन परियोजनाओं को समय पर पूरा करने पर भी जोर दिया।

